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Revamping Teacher Education for Quality Teachers

Start Date :
Jan 22, 2015
Last Date :
Nov 01, 2015
00:00 AM IST (GMT +5.30 Hrs)
Submission Closed

Competence of teachers and their motivation is crucial for improving the quality. Several initiatives are being taken for addressing teacher shortages, shortages of secondary ...

Competence of teachers and their motivation is crucial for improving the quality. Several initiatives are being taken for addressing teacher shortages, shortages of secondary school teachers in mathematics, science and languages, improving the quality of pre-service teachers and in-service teachers professional development, enhancing the status of teaching as a profession, improving teachers’ motivation and their accountability for ensuring learning outcomes, and improving the quality of teacher educators. The objective of this theme is to assess the existing scenario and provide workable solutions to address the gamut of issues in teacher education in the school sector.

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Showing 1126 Submission(s)
janardan_1
janardan_1 10 years 4 months ago
सारे असिस्टेंट प्रोफेस्सर बंधुवा मजदूर बन कर रह गए है , उन्हें कभी भी बिना कोई नोटिस दिए निकल दिया जाता है, और तो और इनका इन्कोम टैक्स , प्रोफेसनल टैक्स और शिक्षा कर , जी पी अफ जमा न हो पाने के कारन भारत सरकार को लगभग ५०० करोड़ का घाटा प्रति वर्ष सिर्फ से लग रहा मध्य प्रदेश से लग रहा है पिछले १० वर्षों की गड़ना की जाए तो यह राशि ५००० करोड़ है, मतलब शिक्षा माफिया में मध्य प्रदेश में ५००० करोड़ का चुना भारत सरकार को लगा दिया और शासन को पता तक नहीं चल सका.
janardan_1
janardan_1 10 years 4 months ago
आज पुरे मध्य प्रदेश में प्राइवेट इंजीनियरिंग कॉलेज के प्रोफेस्सर ऐ आई सी टी ई का वेतन नियमो के लागु होने के बाद में भी नहीं पा रहें है , १६००० रु में मास्टर इन इंजीनियरिंग किया व्यक्ति नौकरी कर रहा है , प्रदेश सरकार , ऐ आई सी टी ई , यु जी सी , मानव संसाधन विकास मंत्रालय सब कुछ जानते हुए भी चुप बैठा है , ये तो वही हाल है की १० लाख रु खर्च करने और ६ साल की शिक्षा के बाद १६००० रु की नौकरी.
janardan_1
janardan_1 10 years 4 months ago
प्राइवेट इंजीनियरिंग कॉलेज की मान्यता समाप्त करने हेतु पर्याप्त कदम उठाने की आवश्यकता है , साथ ही लगातार खुल रहे प्राइवेट विश्व विद्यालय को रोकना अति आवस्यक है.
janardan_1
janardan_1 10 years 4 months ago
ऐ आई सी टी ई के स्टाफ को तत्काल बदला जाये और मान्यता प्रदान करने के नियम पहले के कड़े किये जाएँ साथ ही यदि कोई महाविद्यालय गलत जानकारी लेकर मान्यता प्राप्त करता है तो उस पर कठोर सजा का प्रावधान बनाया जाये
janardan_1
janardan_1 10 years 4 months ago
वेतन भुगतान प्रणाली हेतु किसी संस्था का निर्माण किया जाना अवश्यक है, जो समस्त कॉलेज से समस्त स्टाफ का वेतन पहले ले ले, और उस पर इन्कोमे टैक्स, प्रोफेसनल टैक्स,शिक्षा कर , जी पी अफ , सब क1ट कर भुगतान करे, और मेडिकल बिल के भुगतान हेतु एक अलग से फंड बनाया जाये सारे प्राइवेट इंजीनियरिंग कॉलेज के स्टाफ इस आयोग से ही वेतन प्राप्त करें.
janardan_1
janardan_1 10 years 4 months ago
भौतिकी ,गणित ,रसायन ,अंग्रेजी के विषय वाले समस्त प्रिंसिपल /डीन /संचालक तत्काल प्रभाव से प्राइवेट और शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज से हटा देने हेतु नियम बनाना अति आवश्यक है. यह एक सोचनीय और विचारनीय पहलु है जिस पर ध्यान दिया जाना अति आवश्यक है.
janardan_1
janardan_1 10 years 4 months ago
परीक्षा कॉपी के मूल्यांकन कार्य हेतु इस बात पर विशेष ध्यान दिया जाये की सभी कॉपी मास्टर इन इंजीनियरिंग योग्यता या ऊपर योग्यता रखने वालों से ही चेक करवाई जाये.
janardan_1
janardan_1 10 years 4 months ago
सभी कॉलेज द्वारा अपडेट की गयी faculty लिस्ट में कई ऐसे लोगों के भी नाम है जो वास्तव में वहां कार्य नहीं कर रहे है, इस स्थिति में सभी की पहचान कर उन लोगों के नाम तत्काल faculty लिस्ट से हटा दिए जाए ताकि छात्रो और शासन को गलत जानकारी न रहेI
janardan_1
janardan_1 10 years 4 months ago
वर्तमान में प्रक्टिकल कार्य में ब्राह मूल्यांकन हेतु उसी शहर के किसी भी कॉलेज के प्राध्यापक को भेज दिया जाता है, संबधित शहर का होने के कारन और नौकरी की चिंता के डर से वह दुसरे कॉलेज के सभी छात्रों को बिना योग्गता के भी न केवल पास करता है बल्कि काफी अछे नंबर दे देता है,
janardan_1
janardan_1 10 years 4 months ago
मास्टर इन इंजीनियरिंग के समस्त कॉलेज के छात्रों की सूची और समस्त प्राइवेट और शासकीय महाविद्यालय के सहायक प्राध्यापकों की सूची का मिलान तत्काल करवाना चाहिए, और ऐसे समस्त छात्र जो एक ही अवधी में दोनों काम एक साथ कर रहे है, उन्हें दोनों ही काम से मुक्त कर देने का प्रावधान तत्काल बनाना अति आवश्य है. विदित हो पिछले 8 वर्षों से यह खेल लगातार चल रहा है जिसे रोकना अति आवश्यक है,