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Revamping Teacher Education for Quality Teachers

Start Date :
Jan 22, 2015
Last Date :
Nov 01, 2015
00:00 AM IST (GMT +5.30 Hrs)
Submission Closed

Competence of teachers and their motivation is crucial for improving the quality. Several initiatives are being taken for addressing teacher shortages, shortages of secondary ...

Competence of teachers and their motivation is crucial for improving the quality. Several initiatives are being taken for addressing teacher shortages, shortages of secondary school teachers in mathematics, science and languages, improving the quality of pre-service teachers and in-service teachers professional development, enhancing the status of teaching as a profession, improving teachers’ motivation and their accountability for ensuring learning outcomes, and improving the quality of teacher educators. The objective of this theme is to assess the existing scenario and provide workable solutions to address the gamut of issues in teacher education in the school sector.

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Showing 1126 Submission(s)
HATHIKHAL NAINITAL
HATHIKHAL NAINITAL 10 years 5 months ago
राष्टीय विकास मे अध्यापक का सर्वाधिक यॊगदान हॊता हे, उसकॆ व्यक्तिगत गुण और चरित्र/ शेशिक यॊग्यताऒ पर शिक्शा सम्बन्धी सभी प्रयत्नॊ की सफलता निर्भर हे. अतः अध्यापकॊ कॊ समाज मॆ सम्मानपुर्न स्थान दिया जाना चहियॆ, अध्यापक शिक्शा पर बल दिया जाना चाहियॆ। अध्यापक शिक्शा, शिक्शा के अलग अलग स्तरॊ कॆ अनुरुप हॊनी चाहियॆ। जैसॆ प्रारम्भिक शिक्शा माध्यमिक एव उच्चतर स्तर कॆ लियॆ अलग अलग शिक्शा एव प्रशिक्शण व्यवस्था हॊ॥
NAWAR KHERA NAINITAL
NAWAR KHERA NAINITAL 10 years 5 months ago
राष्टीय विकास मे अध्यापक का सर्वाधिक यॊगदान हॊता हे, उसकॆ व्यक्तिगत गुण और चरित्र/ शेशिक यॊग्यताऒ पर शिक्शा सम्बन्धी सभी प्रयत्नॊ की सफलता निर्भर हे. अतः अध्यापकॊ कॊ समाज मॆ सम्मानपुर्न स्थान दिया जाना चहियॆ, अध्यापक शिक्शा पर बल दिया जाना चाहियॆ। अध्यापक शिक्शा, शिक्शा के अलग अलग स्तरॊ कॆ अनुरुप हॊनी चाहियॆ। जैसॆ प्रारम्भिक शिक्शा माध्यमिक एव उच्चतर स्तर कॆ लियॆ अलग अलग शिक्शा एव प्रशिक्शण व्यवस्था हॊ
HATHIKHAL NAINITAL
HATHIKHAL NAINITAL 10 years 5 months ago
शिक्शा की गुणवत्ता और राष्टीय विकास मे अध्यापक का सर्वाधिक यॊगदान हॊता हे, उसकॆ व्यक्तिगत गुण और चरित्र/ शेशिक यॊग्यताऒ पर शिक्शा सम्बन्धी सभी प्रयत्नॊ की सफलता निर्भर हे. अतः अध्यापकॊ कॊ समाज मॆ सम्मानपुर्न स्थान दिया जाना चहियॆ, अध्यापक शिक्शा पर बल दिया जाना चाहियॆ। अध्यापक शिक्शा, शिक्शा के अलग अलग स्तरॊ कॆ अनुरुप हॊनी चाहियॆ। जैसॆ प्रारम्भिक शिक्शा माध्यमिक एव उच्चतर स्तर कॆ लियॆ अलग अलग शिक्शा एव प्रशिक्शण व्यवस्था हॊ॥
FATTA BANGAR NAINITAL
FATTA BANGAR NAINITAL 10 years 5 months ago
अध्यापकॊ कॊ समाज मॆ सम्मानपुर्न स्थान दिया जाना चहियॆ, अध्यापक शिक्शा पर बल दिया जाना चाहियॆ। अध्यापक शिक्शा, शिक्शा के अलग अलग स्तरॊ कॆ अनुरुप हॊनी चाहियॆ। जैसॆ प्रारम्भिक शिक्शा माध्यमिक एव उच्चतर स्तर कॆ लियॆ अलग अलग शिक्शा एव प्रशिक्शण व्यवस्था हॊ॥
BAMETHA BANGAR KHEEMA NAINITAL
BAMETHA BANGAR KHEEMA NAINITAL 10 years 5 months ago
शिक्शा की गुणवत्ता और राष्टीय विकास मे अध्यापक का सर्वाधिक यॊगदान हॊता हे, उसकॆ व्यक्तिगत गुण और चरित्र/ शेशिक यॊग्यताऒ पर शिक्शा सम्बन्धी सभी प्रयत्नॊ की सफलता निर्भर हे. अतः अध्यापकॊ कॊ समाज मॆ सम्मानपुर्न स्थान दिया जाना चहियॆ, अध्यापक शिक्शा पर बल दिया जाना चाहियॆ। अध्यापक शिक्शा, शिक्शा के अलग अलग स्तरॊ कॆ अनुरुप हॊनी चाहियॆ। जैसॆ प्रारम्भिक शिक्शा माध्यमिक एव उच्चतर स्तर कॆ लियॆ अलग अलग शिक्शा एव प्रशिक्शण व्यवस्था हॊ॥
KHERA NAINITAL
KHERA NAINITAL 10 years 5 months ago
शिक्षकाे के चयन में पारदशिता अध्यापन में रुचि रखने वाले लाेगाें काे वरियता परदान की जाए तथा कुशल व विषय पारंगत अध्यापकाें की नियुकित चारित्रक गुण्ााें का समावेश हाे जिसका अनुकरण्ा बच्चे कर सके। समय समय पर उन्हें अावश्यक परीक्षण देकर के कक्षा में उसका सत पतिशत पालन सुनिशचत किया जाना चाहिए। अध्यापक का व्यिक्ततव एेसा हाे जिससे छात्र सम्मान अाैर ज्ञान दाेनाें पाप्त कर सकें।'
Gaujajali Bichli NAINITAL
Gaujajali Bichli NAINITAL 10 years 5 months ago
राष्टीय विकास मे अध्यापक का सर्वाधिक यॊगदान हॊता हे, उसकॆ व्यक्तिगत गुण और चरित्र/ शेशिक यॊग्यताऒ पर शिक्शा सम्बन्धी सभी प्रयत्नॊ की सफलता निर्भर हे. अतः अध्यापकॊ कॊ समाज मॆ सम्मानपुर्न स्थान दिया जाना चहियॆ, अध्यापक शिक्शा पर बल दिया जाना चाहियॆ। अध्यापक शिक्शा, शिक्शा के अलग अलग स्तरॊ कॆ अनुरुप हॊनी चाहियॆ। जैसॆ प्रारम्भिक शिक्शा माध्यमिक एव उच्चतर स्तर कॆ लियॆ अलग अलग शिक्शा एव प्रशिक्शण व्यवस्था हॊ
GAUJAJALI UTTAR NAINITAL
GAUJAJALI UTTAR NAINITAL 10 years 5 months ago
अध्यापकॊ कॊ समाज मॆ सम्मानपुर्न स्थान दिया जाना चहियॆ, अध्यापक शिक्शा पर बल दिया जाना चाहियॆ। अध्यापक शिक्शा, शिक्शा के अलग अलग स्तरॊ कॆ अनुरुप हॊनी चाहियॆ। जैसॆ प्रारम्भिक शिक्शा माध्यमिक एव उच्चतर स्तर कॆ लियॆ अलग अलग शिक्शा एव प्रशिक्शण व्यवस्था हॊ
HARIPUR PURNAND NAINITAL
HARIPUR PURNAND NAINITAL 10 years 5 months ago
राष्टीय विकास मे अध्यापक का सर्वाधिक यॊगदान हॊता हे, उसकॆ व्यक्तिगत गुण और चरित्र/ शेशिक यॊग्यताऒ पर शिक्शा सम्बन्धी सभी प्रयत्नॊ की सफलता निर्भर हे. अतः अध्यापकॊ कॊ समाज मॆ सम्मानपुर्न स्थान दिया जाना चहियॆ, अध्यापक शिक्शा पर बल दिया जाना चाहियॆ। अध्यापक शिक्शा, शिक्शा के अलग अलग स्तरॊ कॆ अनुरुप हॊनी चाहियॆ। जैसॆ प्रारम्भिक शिक्शा माध्यमिक एव उच्चतर स्तर कॆ लियॆ अलग अलग शिक्शा एव प्रशिक्शण व्यवस्था हॊ
SAKULIYA NAINITAL
SAKULIYA NAINITAL 10 years 5 months ago
अध्यापकॊ कॊ समाज मॆ सम्मानपुर्न स्थान दिया जाना चहियॆ, अध्यापक शिक्शा पर बल दिया जाना चाहियॆ। अध्यापक शिक्शा, शिक्शा के अलग अलग स्तरॊ कॆ अनुरुप हॊनी चाहियॆ। जैसॆ प्रारम्भिक शिक्शा माध्यमिक एव उच्चतर स्तर कॆ लियॆ अलग अलग शिक्शा एव प्रशिक्शण व्यवस्था हॊ॥