mohit mishra
5 years 6 months ago
बड़े पैमाने पर ग्राम पंचायतों में महामारी के समय लूटतंत्र मची हुई है ,राहत सामग्री जो प्रवासी से थे ,उन्हें सभी जरूरी व्यवस्था उपलब्ध कराने हेतु सरकार के द्वारा किया गया ,भेजा गया ,परंतु ग्राम पंचायत प्रधान द्वारा समस्त सरकारी मदद का बंदरबाट हो गया ।। प्रवासियों की संख्या कम बतायी गयी ,लापरवाही के साथ 14 दिवस एकांत वास् की खुली छूट दी गयी ,मनरेगा में फर्जी ,कार्य के नाम पर फर्जी मजदूरों के खातों में धनराशि हड़प रहे है ।।
एक ग्राम प्रधान अपने गांव का प्रधानमंत्री होता है ,चाहे तो तस्वीर बदल सकते
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