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Mann Ki Baat - Prime Minister’s Radio Programme on 27th December, 2020

Prime Minister of India Shri Narendra Modi's address to the nation - #MannKiBaat, 27th December, 2020 on All India Radio.

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RATNAKAR KAMU KIRTANY
RATNAKAR KAMU KIRTANY 5 years 3 months ago
RESPECTED PM SIR,....Since this is going to be the last session/episode of your Mann Ki Baat (DEC.2020), I humbly THANK YOU,SIR, for your motivating informative and intimation mails. ALL I NOW REMIND YOU IS TO CONSIDER MY SUGGESTIONS AND EXPLORE TO TAKE THEM FURTHER IF RELEVANT TO THE NEEDS OF INDIA, the foremost being:(1) TO SUPPORT THE NEW PROPOSED WATER LINES FROM THE PAITHAN JAYAKWADI DAM TO THE AURANGABAD CITY & (2) TO CONSIDER MY SUGGESTIONS GIVEN FOR THE UNION BUDGET 2021-22. BEST WISHES
SHARIF SHAIKH
SHARIF SHAIKH 5 years 3 months ago
शिक्षण और स्वास्थ क्षेत्र में सुधार सिर्फ सरकार की जिम्मेदारी है, सरकारी तंत्र इस क्षेत्र मे फेल है, बहुत आसान है जो लोग अपने बच्चों को प्राथमिक शिक्षण सरकारी स्कूल से दे उन्हीं बच्चों को सरकारी नौकरी मिले,जो प्राइवेट स्कूल से बच्चों को प्राथमिक शिक्षण दिलाए उसे सरकारी, निमसरकारी नौकरी और सरकारी सुविधाएं पद नियुक्तियां नही, ऐसा कानून सरकार लाए अधिकारी,कर्मचारी,विधायक,सांसद इन सब के लिए अनिवार्य हो साथ ही इन पर प्राथमिक उपचार सरकारी अस्पतालों मे ही कराए वर्ना शिक्षा,स्वास्थ्य भत्ता ना दिया जाए।
Saivignesh Iyer
Saivignesh Iyer 5 years 3 months ago
जैसे मेडिकल की पढ़ाई कर रहे छात्र गाँवो में रहकर अपनी सेवाएँ देते हैं, वैसे सरकारी या निजी संस्थानों में कृषि विज्ञान की पढ़ाई कर रहे छात्रों को भी शिक्षा के दौरान या उसके बाद गाँवो में रहकर किसानों को अच्छी उपज प्राप्त करने के लिए प्रशिक्षण देना अनिवार्य करें। इससे किसानों को छात्रों द्वारा प्राप्त की गई शिक्षा और नई कृषि प्रणाली का उपयोग करने का अवसर मिलेगा। प्रशिक्षण की समय सीमा संस्थान तय करे। यदि किसान अच्छी सुविधा और प्रशिक्षण का लाभ उठाएँगे तो इससे किसानों की आय दोगुनी करने में मदद मिलेगी
SHARIF SHAIKH
SHARIF SHAIKH 5 years 3 months ago
डिजिटल इकोसिस्टम मे मोबाइल सब से उपर बैठता है मगर सरकार BSNL को दुर्लक्ष कर और निजी कंपनियों को बढावा देने की वजह से इको की बजाए सेको हो गया है। मोबाइल की कीमतें जहा कम हो रही है वही रिचार्ज की दरे बढ़ती जा रही है। रीचार्ज 1महिने से कम ना हो जिस मे 5 से 15 GB नेट और टॉक टाइम की सुविधा हो। एयरटेल,जियो के रीचार्ज 149/- से कम नही है,जो गलत है, अगर ट्राई अस्तित्व में है तो बंद कर दिखाए। सामान्य का उपयोग 1GB रोज़ नही है,तो 1 से 2GB रीचार्ज के प्लान क्यू? 10 से 15 GB के प्लान 100 रुपये से कम के बनाए।
Dabun India
Dabun India 5 years 3 months ago
Dear Sir, I think you should mention a line or two about usage of renewable energy by common man of India. If common man adopts green energy like Solar, India would achieve independence from fossil fuel much faster and without lots of subsidy from government. Thanks Dabun Solar https://dabun.in
SHARIF SHAIKH
SHARIF SHAIKH 5 years 3 months ago
मा. प्रधानमंत्री जी आपका सपना की 2022 तक हर भारतीय को घर बगैर PMAY के भी साकार होने मे आसानी होगी यदि आप शिक्षा के आधार पर गृह कर्ज उपलब्ध कराए जैसे पोस्ट ग्रॅज्युएट 3%,ग्रॅज्युएट टेक. 3.5%, ग्रॅज्युएट 4 %, HSC 4.5 %, SSC 5 % की दर से कर्ज मुहैया कराया जाए तो यदि कोई पहली बार घर खरीदता है तो इस से शिक्षा का महत्व भी बढ़ेगा। बहुत ही सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे। जापान अगर बुलेट ट्रेन के लिए 1%ki दर से कर्ज दे सकता है तो घर बनाने मे क्यों नहीं देगा, निर्माण का कार्य भी उचित दर से जापान से कराए।
SHARIF SHAIKH
SHARIF SHAIKH 5 years 3 months ago
प्रधानमंत्री जी, अब चूँकि रेल्वे बजट अलग नहीं होता इसलिए आप को रेल्वे सुधार के लिए काम करने होंगे। सरकार ने पिछले कार्यकाल मे कुछ नई ट्रेने ज़रूर शुरू की है मगर आम जनता पर ध्यान नहीं दिया यह हकीकत है। क्यों कि सामान्य जनता को साधारण गाड़ियों की ज़रूरत है। आप AC ट्रेन, तेजस गाड़ियां लेकर आए तो फायदा पैसे वालो को होगा जो बिल्कुल उचित नहीं है। हाँ यदि आप 300 से 500 किलो मीटर दूरी की AC ट्रेन सिर्फ चेयर कार (बैठने) के लिए वाजिब किराए में शरू करे तो अलग बात होगी, मगर ज़रूरत तो साधारण गाड़ियों की ही
SHARIF SHAIKH
SHARIF SHAIKH 5 years 3 months ago
इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक सामान जिस मे हमेशा से ही सुधार होता रहा है और इकोसिस्टम से संबन्धित है साथ ही सुशासन से संबन्धित है। हमारे देश मे जहा Led के इस्तेमाल पर सरकार जोर दे रही है वही पर बहोत से सरकारी कार्यालयों में यहां तक की जिलाधिकारी कार्यालय मे भी पुराने 200 watt के फॅन और पुरानी 40+40 watt की tube जलती दिखाई देती है। और तो और बिजली विभाग के कार्यालयों मे भी आप देख सकते हैं। आम जनता ने LED के महत्त्व को समझा है वही सरकारी तंत्र फेल है, ज़रूरत है ऐसे लोगों को निलंबित या दंडित करने की?