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Inviting comments and suggestions on the Draft Accessibility Standards for the Products Sector

Inviting comments and suggestions on the Draft Accessibility Standards for the Products Sector
Start Date :
Aug 14, 2025
Last Date :
Sep 14, 2025
17:30 PM IST (GMT +5.30 Hrs)
Submission Closed

The Department of Empowerment of Persons with Disabilities (DEPwD), Ministry of Social Justice & Empowerment (MSJE), in collaboration with MyGov, invites comments and suggestions ...

The Department of Empowerment of Persons with Disabilities (DEPwD), Ministry of Social Justice & Empowerment (MSJE), in collaboration with MyGov, invites comments and suggestions from stakeholders and the general public on the draft accessibility standards for the Products Sector. These draft standards, which identify non-negotiable rules, have been prepared to strengthen the creation of barrier-free environments in accordance with the Rights of Persons with Disabilities Act, 2016 and relevant rules.

The draft document is now available for review. Click here to read.

All interested individuals are requested to carefully examine the proposed standards and submit their feedback, comments, and suggestions on the MyGov platform, ensuring that personal details are entered accurately during registration.

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Showing 713 Submission(s)
BrahmDevYadav
BrahmDevYadav 7 months 1 week ago
कुटीर उद्योग बेरोजगारी दूर करने में कैसे सहायक होते हैं? स्पष्टीकरण:- कुटीर और लघु उद्योग रोज़गार के अवसर प्रदान करके, उद्यमशीलता को बढ़ावा देकर और स्थानीय अर्थव्यवस्था में योगदान देकर बेरोज़गारी कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ये उद्योग अक्सर श्रम-प्रधान होते हैं और इनमें कम पूंजी निवेश की आवश्यकता होती है, जिससे ये कई व्यक्तियों के लिए सुलभ हो जाते हैं।
BrahmDevYadav
BrahmDevYadav 7 months 1 week ago
क्या ग्रामीण क्षेत्रों में कुटीर उद्योगों को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए? कुल मिलाकर, ग्रामीण क्षेत्रों में कुटीर उद्योगों को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए क्योंकि ये रोज़गार, स्थानीय संसाधनों के उपयोग, सांस्कृतिक संरक्षण और ग्रामीण विकास में महत्वपूर्ण लाभ प्रदान करते हैं। हालाँकि, इनकी सीमाओं को दूर करने के लिए प्रौद्योगिकी, वित्त और विपणन के संदर्भ में सरकारी सहायता की आवश्यकता है।
BrahmDevYadav
BrahmDevYadav 7 months 1 week ago
कुटीर उद्योग हमारे देश में ग्रामीण आबादी को कैसे मदद करते हैं? कुटीर उद्योग समाज के वंचित समुदायों के लोगों को काम खोजने के अधिक अवसर प्रदान करके समावेशी विकास को बढ़ावा देते हैं। उदाहरण के लिए, ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएँ वित्तीय स्वतंत्रता और आत्म-सशक्तिकरण प्राप्त करने के लिए अक्सर कुटीर उद्यमों का उपयोग करती हैं।
BrahmDevYadav
BrahmDevYadav 7 months 1 week ago
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना:- 1. आत्मनिर्भरता:- कुटीर उद्योग न केवल रोजगार प्रदान करते हैं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत जैसे अभियानों के माध्यम से राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में भी योगदान करते हैं। 2. स्थानीय संसाधनों का उपयोग:- स्थानीय संसाधनों का उपयोग करके ग्रामीण क्षेत्रों में आय और रोजगार के अवसर पैदा करने चाहिए।
BrahmDevYadav
BrahmDevYadav 7 months 1 week ago
गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धा:- 1. गुणवत्ता नियंत्रण:- उपभोक्ताओं का विश्वास बनाए रखने के लिए उत्पादों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है। 2. कच्चे माल का बफर भंडार:- मुश्किल से उपलब्ध होने वाले कच्चे माल का बफर भंडार बनाने के लिए एक कार्यक्रम शुरू करना चाहिए, जिससे उत्पादन निर्बाध रूप से चलता रहे।
BrahmDevYadav
BrahmDevYadav 7 months 1 week ago
बाजार और विपणन:- 1. ब्रांडिंग और विपणन:- स्थानीय उत्पादों को पहचान दिलाने और उनकी बिक्री बढ़ाने के लिए प्रभावी ब्रांडिंग और मार्केटिंग रणनीतियों पर ध्यान देना चाहिए। 2. ई-कॉमर्स का उपयोग:- उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बेचने के लिए ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म का उपयोग करना चाहिए। 3. बाजार पहुंच:- प्रदर्शनियों और मेलों जैसे प्लेटफार्मों के माध्यम से कारीगरों को अपने उत्पादों को प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान करना चाहिए।
BrahmDevYadav
BrahmDevYadav 7 months 1 week ago
प्रौद्योगिकी और कौशल विकास:- 1. नई तकनीकों का उपयोग:- उत्पादन क्षमता और गुणवत्ता में सुधार के लिए नई तकनीकों और आधुनिक उपकरणों का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। 2. कौशल विकास:- कुशल और गैर-कुशल श्रमिकों को नए कौशल सिखाने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने चाहिए ताकि वे नई तकनीकों को अपना सकें। 3. प्रशिक्षण केंद्र:- संभावित उद्यमियों को विभिन्न कुटीर उद्योगों में प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए तकनीकी प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने चाहिए।
BrahmDevYadav
BrahmDevYadav 7 months 1 week ago
सरकारी सहायता और नीतियाँ:- 1. वित्तीय सहायता: सरकार को सब्सिडी, कर छूट और कम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराकर कुटीर उद्योगों का समर्थन करना चाहिए। 2. अवसंरचना विकास:- ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढाँचा और कच्चे माल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सरकारी प्रयास आवश्यक हैं। 3. नीति-निर्माण:- ग्रामीण और कुटीर उद्योग नीतियों को लागू करके उन्हें विकास की गति प्रदान की जा सकती है, जैसा कि कुछ राज्यों ने किया है।
BrahmDevYadav
BrahmDevYadav 7 months 1 week ago
ग्रामीण क्षेत्रों में कुटीर उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकारी सहायता बढ़ानी चाहिए, नई तकनीकों को अपनाना चाहिए, उद्यमिता और कौशल विकास कार्यक्रमों का आयोजन करना चाहिए, उत्पादों की ब्रांडिंग और विपणन को बढ़ावा देना चाहिए, गुणवत्ता नियंत्रण सुनिश्चित करना चाहिए और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म का उपयोग करना चाहिए। इसके अतिरिक्त, कच्चे माल की उपलब्धता सुनिश्चित करना, पारंपरिक कौशल को बढ़ावा देना और बाजार का विकास करना भी आवश्यक है।