
Ministry of Agriculture and Farmers Welfare
Created : 2/12/2022
वर्ष 2015 में अंतर्राष्ट्रीय मृदा वर्ष मनाया गया था। देश के हर खेत की पोषण स्थिति का मूल्यांकन करने के लिए इसी साल 19 फरवरी को मृदा स्वास्थ्य कार्ड जैसा भारत का अनोखा कार्यक्रम शुरू किया गया था। इस योजना का लक्ष्य देश के किसानों को हर दो साल में मृदा स्वास्थ्य कार्ड जारी करना है, ताकि खाद इत्यादि के बारे में मिट्टी पोषण कमियों को दूर किया जा सके। मिट्टी की जांच करने से खेती के खर्च में कमी आती है, क्योंकि जांच के बाद सही मात्रा में उर्वरक दिए जाते हैं। इस तरह उपज के बढ़ने से किसानों की आय में भी इजाफा होता है और बेहतर खेती संभव हो पाती है।