राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के लिए प्रतीक-चिह्न डिजाइन प्रतियोगिता

राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग की स्थापना दिनांक 12 अक्टूबर, 1993 को संसद ...

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राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग की स्थापना दिनांक 12 अक्टूबर, 1993 को संसद द्वारा जारी मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम के तहत की गई। देश में मानव अधिकारों के संरक्षण एवं संवर्द्धन के संबंध में आयोग के कार्यों एवं शक्ति का विवरण पी.एच.आर. एक्ट के अध्याय- III, धारा-12 में वर्णित है जो आयोग की वेबसाइट www.nhrc.nic.in पर भी उपलब्ध है। किसी लोक सेवक के खिलाफ़ मानव अधिकार उल्लंघन की शिकायतों पर संज्ञान लेने तथा पीड़ितों को आर्थिक राहत के भुगतान एवं दोषी पाए गए सरकारी कर्मचारी के खिलाफ़ दण्डात्मक कार्रवाई की संस्तुति करने के अलावा भी आयोग मानव अधिकारों के क्षेत्र में अनुसंधान के प्रसार के लिए विभिन्न माध्यमों एवं कार्यों द्वारा इनके संवर्द्धन के प्रति साक्षरता के प्रचार हेतु अधिदिष्ट है।

आयोग में प्राप्त होने वाली शिकायतों की संख्या में निरंतर वृद्धि, जनमानस में इसके कार्यों के प्रति विश्वास को दर्शाता है। आयोग 12 अक्टूबर, 2018 को अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूरे कर रहा है। अतः इस अवसर पर आयोग संपूर्ण देशवासियों को उनके अधिकारों के संरक्षण एवं संवर्द्धन के प्रति प्रतिबद्ध एक संस्था की रजत जयंती समारोह में शामिल होने के लिए आमंत्रित करना चाहेगा। अतः सहभागिता देने के एक विशिष्ट निवेदन के साथ, आयोग सभी देशवासियों को इस अवसर को अविस्मरणीय बनाने एवं ऑनलाइन प्रतियोगिता में भाग लेने हेतु आयोग के लिए एक प्रतीक चिह्न का सुझाव देने हेतु निवेदन करता है। विजेता प्रविष्टि के प्रेषक को ₹50,000/- के नकद पुरस्कार के साथ उन्हें प्रमाण-पत्र भी दिया जाएगा।

प्रस्तुत करने की आखरी तारीख 30 अप्रैल, 2018 है

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किसी भी प्रतियोगिता संबंधी प्रश्न के लिए, यहाँ लिखिए
Jaimini Kumar Srivastava
dydir.media.nhrc@nic.in

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