राष्ट्रीय जल पुरस्कार

Last Date Feb 08,2019 00:00 AM IST (GMT +5.30 Hrs)
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पानी जीवन के महत्वपूर्ण घटकों में से एक है। सिंचाई विकास, शहरीकरण और ...

पानी जीवन के महत्वपूर्ण घटकों में से एक है। सिंचाई विकास, शहरीकरण और औद्योगिकीकरण की तीव्र गति ने जल संसाधनों पर भारी तनाव डाला है। इस बहुमूल्य प्राकृतिक संसाधन के उपयोग में वृद्धि के संचयी प्रभाव से देश के कई क्षेत्रों में पानी की कमी हुई है। फिर भी, जलवायु परिवर्तन के कारण देश में जलविद्युत चक्र में भी बदलाव आया है। इसलिए, यह आवश्यक है कि इस दुर्लभ संसाधन को मजबूत वैज्ञानिक पद्धति, प्रभावी और कुशल प्रबंधन द्वारा संरक्षित किया जाए।

गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ), ग्राम पंचायतों, शहरी स्थानीय निकायों, जल प्रयोक्ता संघों, संस्थानों, कॉर्पोरेट क्षेत्र, व्यक्तियों आदि सभी हितधारकों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से ग्राउंड वाटर ऑग्मेन्टेशन पुरस्कार और राष्ट्रीय जल पुरस्कार वर्ष 2007 में लॉन्च किया गया था। वर्षा जल संचयन और कृत्रिम रिचार्ज द्वारा भूजल वृद्धि के अभिनव तरीकों को अपनाने, जल उपयोग दक्षता को बढ़ावा देने, रीसाइक्लिंग और पानी के पुन: उपयोग को बढ़ावा देने और लक्षित क्षेत्रों में लोगों की भागीदारी के माध्यम से जागरूकता पैदा करने के परिणामस्वरूप भूजल संसाधन विकास की स्थिरता, हितधारकों आदि के बीच पर्याप्त क्षमता निर्माण।

इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए कि सतही जल और भूजल जल चक्र के अभिन्न अंग हैं, देश में जल संसाधन प्रबंधन की दिशा में समग्र दृष्टिकोण को अपनाने हेतु हितधारकों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से एकीकृत राष्ट्रीय जल पुरस्कारों की शुरुआत की गई है।

भेजने की प्रक्रिया
• आवेदक संबंधित श्रेणी के लिए आवेदन पत्र डाउनलोड करेंगे -
https://www.mygov.in/campaigns/national-water-awards/?utm_source=mygov_c...
• विधिवत भरे हुए और हस्ताक्षरित आवेदन पत्र MyGov पर अपलोड किया जाएगा
• आवेदक "सबमिट कार्य" टेक्स्ट बॉक्स में अपने वीडियो (यदि कोई हो) के लिंक प्रदान कर सकते हैं

प्रतियोगिता से संबंधित किसी भी प्रश्न के लिए कृपया लिखें:
tsmsml-cgwb@nic.in

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स्वीकृत
3419
समीक्षाधीन
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1840
Gyanendra pratap singh 2 साल 3 महीने पहले

जल ही जीवन है।पर वह जल जो पीने योग्य हो।अतः प्रकृति से प्राप्त वर्षा,नदी,झरनों तथा भूमिगत जल का संरक्षण करना आवश्यक है।क्योंकि इनका जल ही हम पीने के लिए प्रयोग कर सकते है यदि ये जल समुद्र में बह कर मिल गया तो ये पीने योग्य नहीं रहेगा और विश्व में पीने योग्य जल का संकट उत्पन्न हो जायेगा।इस लिए उपयोग के अनुसार ही जल का उपयोग करना चाहिए।वर्षा के जल को भूमि और तालाबो में संग्रहित करना चाहिए।घरों दूषित जल को दोवारा शुद्धिकरण करके नहरों के माध्यम से खेती में प्रयोग करना चाहिए।