परंपरागत कृषि विकास योजना के लिए पोस्टर बनाओ प्रतियोगिता

परंपरागत कृषि विकास योजना (पीकेवीवाई) केंद्र सरकार द्वारा एक ...

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परंपरागत कृषि विकास योजना (पीकेवीवाई) केंद्र सरकार द्वारा एक केंद्रीय प्रायोजित कार्यक्रम (सीएसपी) के रूप में शुरू की जाने वाली पहली व्यापक योजना है, जहां केंद्र और राज्य सरकार की हिस्सेदारी अलग-अलग अनुपात में वित्तपोषण करती है। यूं कहा जाए तो केन्द्रीय और राज्य सरकार विभिन्न अनुपात में धन को साझा करती है। यह योजना राज्य सरकारों द्वारा प्रत्येक 20 हेक्टेयर के क्लस्टर आधार पर लागू की जाती है। क्लस्टर के तहत किसान को अधिकतम 1 हेक्टेयर तक वित्तीय सहायता दी जाती है और 3 वर्ष की रूपांतरण/ कनवर्जन अवधि के दौरान सहायता की सीमा 50,000 रुपये है। यह लक्ष्य 3 साल के लिए 2015-16 से लेकर 2017-18 तक के दौरान 2 लाख हेक्टेयर को कवर करने वाले 10,000 समूहों को बढ़ावा देना है। कृषि मंत्रालय ने नागरिकों को अपने रचनात्मक कौशल का उपयोग करते हुए पोस्टर बनाने के लिए आमंत्रित करता हो जो पीकेवीवाई योजना के उद्देश्यों का प्रदर्शन करती हो

उद्देश्यों को नीचे सूचीबद्ध किया गया है:

• कृषि-रसायनों और उर्वरकों पर निर्भरता को कम करने के लिए खेती की पर्यावरण-अनुकूल अवधारणा को बढ़ावा देना।
• इनपुट उत्पादन के लिए स्थानीय रूप से उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों का बेहतर उपयोग करना।
• पौधों के पोषण और पौधों के संरक्षण के प्रबंधन के लिए स्थानीय स्वदेशी परंपरागत तकनीकों के इस्तेमाल को बढ़ावा देना।
• प्रत्येक 50 एकड़ के 10,000 जैविक समूहों को विकसित करना।
• जैविक उत्पादों के लिए संभावित बाजारों का विकास करना।

पोस्टर या तो अंग्रेजी या हिंदी में हो सकती है

पोस्टर का आकार डिजिटल प्रारूप में A3 होना चाहिए

प्रविष्टि जमा करने की अंतिम तिथि 5 अप्रैल 2018 है।

पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता की प्रविष्टियों में से दो विजेताओं का चयन किया जाएगा और कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा नकद पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा:

प्रथम पुरस्कारः रु20,000
दूसरा पुरस्कार: रु 10,000

प्रतियोगिता के नियम और शर्तों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

प्रतियोगिता से संबंधित किसी भी प्रश्न के लिए, कृपया इनको लिखें:
श्रीमती वंदना द्विवेदी, एडीसी (आईएनएम)
ईमेल: dwivediv@nic.in

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