नानवॉयलेंट कम्यूनिकेशन पर ओरियंटेशन कोर्स

नानवॉयलेंट कम्यूनिकेशन पर ओरियंटेशन कोर्स
Last Date Oct 02,2021 23:45 PM IST (GMT +5.30 Hrs)

दोस्तों, दुनिया भर में हम में से ज्यादातर लोग कोरोनावायरस के कारण ...

दोस्तों, दुनिया भर में हम में से ज्यादातर लोग कोरोनावायरस के कारण लॉकडाउन में हैं। हम दिन के दौरान रचनात्मक गतिविधियों में शामिल होते हैं- जिसमें या तो हम काम कर रहे होते हैं या पढ़ रहे होते हैं या पढ़ा रहे होते हैं। लेकिन कोरोनावायरस ने हमें अपने घर की चारदीवारी में रहने के लिए मजबूर कर दिया है। इस समय को हममें से कई लोग अपने शौक को पूरा करने में समय व्यतीत कर रहे हैं, कुछ लोग संगीत सुनने, टेलीविजन देखने या कई लोग तो सोशल मीडिया के अपने लत को बढ़ा रहे हैं।

ओरियंटेशन कोर्स ऑन नॉनवायलेंट कम्यूनिकेशन नई दिल्ली में महात्मा गांधी के राष्ट्रीय स्मारक, गांधी स्मृति और दर्शन समिति की ओर शुरु किया गया है।

समिति छात्रों से लेकर न्यायिक अधिकारियों और सिविल सेवकों तक समाज के सभी वर्गों के लिए नॉनवायलेंट कम्यूनिकेशन का प्रशिक्षण देती रही है। नॉनवायलेंट कम्यूनिकेशन प्रभावी संचार का एक शक्तिशाली उपकरण है जो व्यक्तियों को न केवल स्वयं बल्कि उनके परिवार, दोस्तों और समाज से जुड़ने और जुड़ने में मदद करता है। यह गांधीवादी अहिंसा के स्तंभों पर आधारित है जो हैं-आपसी सम्मान, समझ, स्वीकृति, प्रशंसा और करुणा।

अहिंसक संचार न केवल भावनात्मक पुल निर्माण में मदद करता है बल्कि विवादों और संघर्षों को सुलझाने का एक महत्वपूर्ण उपकरण भी है। यदि हम अपने दैनिक जीवन में अहिंसक संचार का उपयोग करने की आदत डालते हैं, तो हम अपने परिवारों और समाज की कई समस्याओं को दूर करने में सक्षम होंगे।

तो दोस्तों हम नॉनवायलेंट कम्यूनिकेशन पर इस सरल और मजेदार पाठ्यक्रम में आपका स्वागत करते हैं। हमें यकीन है कि आप इसका आनंद लेंगे और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आप अपने दैनिक जीवन में इसके तत्वों को शामिल करें। इस कोर्स का हिस्सा बनकर खुद को रिफ्रेश करें।
गांधी स्मृति और दर्शन समिति उन सभी लोगों को प्रमाण पत्र देगी जो इस ऑनलाइन पाठ्यक्रम में भाग लेंगे।

कोर्स स्ट्रक्चर निम्न है:
1) नानवायलेंट कम्यूनिकेशन क्या है?
2) नानवायलेंट कम्यूनिकेशन के तत्व…
3) हमारे दैनिक जीवन में नानवायलेंट कम्यूनिकेशन का अभ्यास।

भागीदारी प्रक्रिया:
आपको सर्टिफिकेट पाने के लिए आपको कोई परीक्षा देने की जरूरत नहीं है।
आप बस www.gandhismriti.gov.in या यहां से हिंदी या अंग्रजी से पाठ्य सामाग्री डाउनलोड कर पढ़िए।
एक बार जब पाठक इन खंडों को पूरी तरह से पढ़ और समझ ले, तो उससे अनुरोध है कि उसे जो कुछ भी समझ में आया है उस पर अपने 7 सवालों के इर्द-गिर्द अपना विचार शेयर करे।

प्रश्न पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।- पीडीएफ (471 KB)

नियम और शर्तें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

For any Query, connect to:
Dr. Vedabhyas Kundu,
Programme Officer(Course Incharge)
vedabhyaskundu.ahimsa@gmail.com, office-gsds@gov.on or 2010gsds@gmail.com

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