जागरूकता हेतु स्लोगन प्रतियोगिता: सॉयल हेल्थ केयर

Last Date Nov 26,2018 00:00 AM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

मिट्टी को अनंत जीवन की आत्मा के रूप में जाना जाता है। इसलिए कृषि ...

मिट्टी को अनंत जीवन की आत्मा के रूप में जाना जाता है। इसलिए कृषि उत्पादन और देश की अर्थव्यवस्था के लिए मिट्टी के बेहतर स्वास्थ्य का रखरखाव बेहद महत्वपूर्ण है। मानव, पशु और पौधे के स्वास्थ्य हेतु मिट्टी की निर्विवाद भूमिका के बावजूद मिट्टी के स्वास्थ्य की देखभाल के संबंध में बहुत कम ध्यान रखा जाता है। जैविक उत्पादकता व पर्यावरण की गुणवत्ता को बनाए रखने और पौधे व पशु स्वास्थ्य को बढ़ावा देने की मिट्टी की क्षमता ही मृदा स्वास्थ्य है। विशिष्ट उपयोग के लिए यह मिट्टी की फिटनेस है।

निरंतर उच्च उत्पादकता के लिए दुर्लभ और बहुमूल्य मिट्टी के अच्छे स्वास्थ्य को बनाए रखने की चुनौतियां मौजूदा दबाव की वजह से बढ़ती जा रही हैं। लेकिन सस्ते, पर्यावरण व किसान-अनुकूल और वैज्ञानिक समाधान खाद्य सुरक्षा, पर्यावरण सुरक्षा और मानव कल्याण की दिशा में काफी फायदेमंद होंगे। मिट्टी के अच्छे स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए किसानों और अन्य हितधारकों के बीच व्यापक जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। भारत सरकार मिट्टी परीक्षण के माध्यम से खेतों में मिट्टी के पोषण की देखभाल हेतु मृदा स्वास्थ्य कार्ड (एसएचसी) योजना चला रही है।
सभी नागरिकों / हितधारकों को सॉयल हेल्थ केयर से संबंधित जागरूकता हेतु आमंत्रित किया जाता है। आप उपर्युक्त थीम पर स्लोगन प्रतियोगिता में भाग लेकर अपना योगदान दे सकते हैं।

मुख्य विषय: सॉयल हेल्थ

भाषा: हिंदी और / या अंग्रेजी

अंतिम तिथि: 25 नवंबर, 2018

पुरस्कार:

पहला पुरस्कारः रु 10,000 / -
दूसरा पुरस्कारः रु 7,500 / -
तीसरा पुरस्कारः रु 5,000 / -

नियम और शर्तें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

किसी भी प्रश्न के लिए लिखें:
रजनी तनेजा
उप सचिव (आईएनएम)
फोन: 011-23386741

विवरण देखें Hide Details
इस कार्य के लिए प्राप्त हुई प्रविष्टियाँ
1742
कुल
0
स्वीकृत
1742
समीक्षाधीन