29 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मन की बात कार्यक्रम

29 दिसंबर, 2019 को आकाशवाणी समसामयिकी चर्चा पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मन की बात कार्यक्रम सुनिए।

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SHARIF SHAIKH_3 1 year 11 महीने पहले

मा. प्रधानमंत्रीजी पिछले सितंबर के संस्करण मे आपको और मा.वित्तमंत्री को यह सुझाव दिया है कि आपका सपना की 2022 तक हर भारतीय को घर बगैर PMAY के भी साकार होने मे आसानी होगी यदि आप शिक्षा के आधार पर गृह कर्ज उपलब्ध कराए जैसे पोस्ट ग्रॅज्युएट 3%,ग्रॅज्युएट टेक. 3.5%, ग्रॅज्युएट 4 %, HSC 4.5 %, SSC 5 % की दर से कर्ज मुहैया कराया जाए तो यदि कोई पहली बार घर खरीदता है तो इस से शिक्षा का महत्व भी बढ़ेगा। बहुत ही सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे।

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SHARIF SHAIKH_3 1 year 11 महीने पहले

सांसद और विधायक, दलबदल या फिर व्हिप का उल्लंघन करने की वजह से अयोग्य घोषित होते हैं तो उनसे चुनाव पर हुआ सरकारी खर्च वसूलना चाहिए,अगर बिला वजह त्याग पत्र देकर फिर से चुनाव लड़ते है तब भी खर्च वसूला जाना चाहिए। जिस प्रकार कर्नाटक में 15 विधायक अयोग्य ठहराने पर भी फिर से चुनाव लड़ कर हैं सदन में आए जनता और संविधान के साथ खिलवाड़ लगता है गलत मिलने वाला मानधन ज़्यादा है यह वाकई वों जनता को दिखा रहे हैं, जनता भी इनको फिर से ऐसा नहीं करे सबक सिखाएगी मगर धर्मांधता का जहर समाज की अच्छाइयों को रोकता है।

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PETER AROCKIASAMY 1 year 11 महीने पहले

Respected PM sir,
I am very much inspired by your swatch Bharat mission and plastic free India idea. Sir, a family need a head to solve all the issues... a manager is required to run a organisation... a leader is essential to guide the country ...a mentor is must for children.... all govt offices must have a head.... please fill all unfilled vacancy in govt organisation to fulfill your mission....

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SHARIF SHAIKH_3 1 year 11 महीने पहले

प्रधानमंत्रीजी,आप का यह सपना की हर भारतीय को 2022 तक घर मिले अच्छी बात है मगर यह संभव तभी हो सकता है जब सरकार के पास अतिरिक्त मात्रा में धन की उपलब्धता होगी जो कि निकट भविष्य में मुमकिन नहीं है। वैसे भी घरों की किल्लत सरकारी तंत्र की खामियों का नतीजा है। 2005 तक घरों की कीमतें नियंत्रित थी,लेकिन बाद में सरकार ने घरों पर ऊलजलूल टैक्स लगाने की वजह से और प्रति वर्ष रेडी रेकनर की दरों मे बढ़ोतरी का नतीजा है। आप देख सकते है कि पिछले 15 वर्षो से सीमेंट,लोहे और ईंट के दर स्थिर है फिर क्यों दाम बढ़े।

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SHARIF SHAIKH_3 1 year 11 महीने पहले

मा. प्रधानमंत्रीजी,अगर हर भारतीय को घर देने का स्वप्न पूरा करने का मानस रखते हैं तो वह लोग जो घरों की कीमतें बढ़ाने के लिए ज़िम्मेदार हैं उन की आय पर आप को और अधिक आयकर लगाने होगे,इन मे कुछ सरकारी अधिकारी, कर्मचारी,राजकीय नेता ऐसे है जिन की आय का स्रोत घर और प्रॉपर्टी के किराए से है और समाज मे दबंग होते जा रहे है जमीन की कीमतें बढ़ाने मे ऐसे ही लोग जिम्मेदार है और यही खास वजह है प्रॉपर्टी के दाम में बढ़ोतरी की,दूसरी तरफ सरकार प्रति वर्ष रेडीरेकनर मे प्रॉपर्टी के दाम बढ़ाती है,गलत है।