स्कूल के मानक, मूल्यांकन एंव प्रबंधन प्रणाली

किसी भी स्कूल की गुणवत्ता मूल्यांकन एवं प्रत्यायन प्रणाली में स्कूली कामकाज के सभी पहलुओं को कवर करने की आवश्यकता है, जिसमें शैक्षिक और सह-शैक्षिक डोमेन, भौतिक बुनियादी ढांचे, संकाय प्रबंधन, स्कूल नेतृत्व, सीखने के परिणामों और विद्यार्थियों की संतुष्टि और उनके माता-पिता/अभिभावक भी शामिल है। बेहतर प्रबंधन द्वारा जिला और ब्लॉक स्तर के शिक्षा अधिकारियों के साथ ही मुख्य शिक्षकों का प्रशिक्षण, बेहतर निगरानी और स्कूल के प्रदर्शन के लिए डेटा का उपयोग करने और सामुदायिक संसाधनों और स्कूल के प्रदर्शन में सुधार करने के प्रयासों के लिए अनिवार्य तथा समझदारी स्कूलों में बेहतर प्रशासन के संतुलन कायम करने में मदद करती है। मौजूदा अनुभव क्या रहे हैं और इन्हें ठोस परिणाम प्राप्त करने के लिए बेहतर कैसे बनाया जा सकता है?

मॉडरेटर का नामः श्री भरत परमार, सीआईआई के प्रतिनिधि

दिन, तिथि एंव समयः सोमवार, 1 जून, 2015 शाम 5 बजे

खंडनः ये विचार वक्ताओं/ मध्यस्थों के द्वारा व्यक्त किए गए है, जो किसी भी प्रकार से मानव संसाधन विकास मंत्रालय और भारत सरकार के विचारों का प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं।

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Parth Bharatkumar Patel
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Parth Bharatkumar Patel 7 साल 6 महीने पहले

Respected Sir,
I am a college student. During the school period i feel that there is need to UPDATE the books every year and also put new parts as a innovation. We also need to try a more focus on the PRACTICAL CONCEPT. so that students easily understand the theory.
Thank you

p.abbi@yahoo.co.in
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purshottam abbi Azer 7 साल 6 महीने पहले

माननीय प्रधानमन्त्री जी
सादर प्रणाम
निवेदन ..मैं एक साहित्यकार ,रुबाईकार,ग़ज़लकार व् मास्टर ऑफ आर्ट ऑफ़ लिविंग दिल्ली का निवासी हूँ !
मैंने बच्चो के स्कूल पाठ्य कर्म हेतु ४४ कविताएँ व् ज्ञान वर्धक पहेलियाँ लिखी हैं
मेरे द्वारा लिखी कविताएँ व् ज्ञान वर्धक पहेलियाँ स्कूलों में बच्चो को पढ़ाने हेतु स्थान दिलवाने की कृपा करें !
बहर हज़्ज़ के (अरकान) गणसूत्र के आधार पर मेरे द्वारा लिखी ज्ञान वर्धक कविताएँ व् पहेलियाँ !
आपके समुख रखना चाहता हूँ जो सवच्छ भारत निर्माण हेतु लाभप्रद साबित होंगीं !
आपका आभार

amitchitravanshee@gmail.com
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Amit Srivastava 7 साल 6 महीने पहले

It is estimated that there are one billion people with disabilities worldwide who face many barriers in order to participate in all aspects of society and the population of PWDs in India as per Census 2011 is around 2.68 crore (2.2% of total population). The result is that People with Disabilities do not enjoy access to society on an equal basis with others, including transportation, employment, education, justice and political participation.

cdbhas@hotmail.com
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Durai Bhaskar Chellappa 7 साल 6 महीने पहले

Ensure everyone has equal rights & uniform education system, Ethical & Morals should be given along with other subjects,
Parents feedback must be considered on administrative aspects,
Keep Educational counsellor & public prosecutors to support parent - School management.
corruption should be erradicated among officials on monitoring the school managements,

self development among students must be ensured beyond scoring marks,
There should be no difference among students,

Keep it clean.

sudhir_pd52@yahoo.co.uk
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sudhir sinha 7 साल 6 महीने पहले

On education everyone has equal right, it should not be discriminated on the basis of.sex,caste,religion etc.These days it has become fashion of politicians and educationists to advocate special stress on education on the discriminated basis. Nation has got freedom 60yrs
back but stituation in education has worsen, what they did for last long time?

Prakash KC
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Prakash KC 7 साल 6 महीने पहले

प्रादेशिक शिक्षा बोर्डो एवं धन प्रधान ब्यावसायिक द़़ोहरी शिक्षा नीतियों को समाप्त कर असदो मां सद्गमय तमसो मां ज्योर्तिगमय मृत्र्यो मांेमृतमगमय की प्राचीनतम विद्या पद्धति को अपनाते हुए सत्य धर्म प्रधान राष्ट्रीय शिक्षा नीति बनायी जाये जिसके अन्तर्गत सरकार स्वयं निःशुल्क आवासीय विद्यालयों गुरुकुलों की व्यवस्था करे जिससे राष्ट्रपति और रिक्शा चालक दोनों के बालक एक साथ एक ही विद्यालय में पढ़कर राष्ट्रनिर्माण में अपना सामूहिक योगदान प्रदान कर सके