सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय

वर्ष 1985-86 में पूर्ववर्ती कल्याण मंत्रालय को महिला एवं बाल विकास विभाग तथा कल्याण विभाग में विभक्त किया गया था। इसी के साथ तत्कालीन कल्याण मंत्रालय बनाने के लिए अनुसूचित जाति विकास प्रभाग, जनजातीय विकास प्रभाग तथा पिछड़ा वर्ग कल्याण प्रभाग को गृह मंत्रालय से तथा वक्फ प्रभाग को कानून मंत्रालय से अलग कर दिया गया और फिर, कल्याण मंत्रालय बनाया गया था, इसके बाद मई 1998 में मंत्रालय का नाम बदलकर सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय कर दिया गया।