नई शिक्षा नीति

इस ग्रुप का उद्देश्ये समावेशी, सहभागिता पूर्ण और समग्र दृष्टिकोण से देश के लिए एक नई शिक्षा नीति तैयार करना है। राष्ट्री य शिक्षा नीति 1986 में बनाई गई थी और 1992 में संशोधित की गई थी। तब से अब तक अनेक बदलाव हुए हैं, जिसकी वजह से नीति में संशोधन की आवश्यगकता है। भारत सरकार, लोगों की गुणवत्ताीपरक शिक्षा, नवाचार और अनुसंधान संबंधी आवश्यऔकता के परिवर्तनशील पहलुओं से निपटने के लिए नई शिक्षा नीति लाना चाहती है, जिसका उद्देश्ये भारत को, इसके छात्रों को आवश्यिक कौशल तथा ज्ञान प्रदान करके ज्ञान के क्षेत्र में महाशक्ति बनाना तथा विज्ञान, प्रौद्योगिकी, शिक्षा एवं उद्योग जगत में श्रमशक्ति की कमी को दूर करना होगा। इस प्रयोजनार्थ इस ग्रुप के अंतर्गत विचार-विमर्श के लिए 33 प्रकरणों की पहचान की गई है। इन प्रकरणों को स्कूअल शिक्षा (13 प्रकरण) और उच्चकतर शिक्षा (20 प्रकरण) के क्षेत्रों में अलग-अलग विभाजित किया गया है। इस ग्रुप में कार्य और विचार-विमर्श शामिल हैं। कार्य ऑन-लाइन और ऑन-ग्राउंड दोनों ही हैं। विचार-विमर्श के माध्यपम से प्रतिभागियों को अपने विचार और राय व्योक्तह करने में सहायता मिलती है।