कॉर्पोरेट मामले मंत्रालय

इस मंत्रालय का मुख्य काम कंपनीज़ एक्ट 2013, कंपनीज़ एक्ट 1956, लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप एक्ट 2008 और सम्बद्ध कानूनों तथा उनके अन्तर्गत बने नियमों और विनियमों का संचालन है ताकि कॉर्पोरेट क्षेत्र कानून के अनुसार अपनी गतिविधियां चलाये।

मंत्रालय कंपनीज़ एक्ट 2002 का भी संचालन करता है ताकि उन प्रथाओं को रोका जा सके जिनका प्रतियोगिता पर बुरा प्रभाव पड़ता है, प्रतियोगिता को बाज़ार में बढ़ावा मिले और कानून के अन्तर्गत स्थापित आयोग के माध्यम से उपभोक्ताओं के हितों के रक्षा की जा सके।

इसके अलावा मंत्रालय संसद के विभिन्न कानूनों द्वारा स्थापित व्यवसायिक संस्थानों जैसे इंस्टिट्यूट ऑफ़ चार्टर्ड अकाउंटेंट, इंस्टिट्यूट ऑफ़ कंपनी सेक्रेटरीज ऑफ़ इंडिया और इंस्टिट्यूट ऑफ़ कॉस्ट एकाउंटेंट्स ऑफ़ इंडिया पर नियंत्रण रखता है ताकि इनसे सम्बद्ध व्यवसायों का उचित और व्यवस्थित विकास हो।

इस मंत्रालय के कार्यो में विभिन्न कानूनों जैसे पार्टनरशिप एक्ट 1932, कंपनीज़ (डोनेशन्स टी नेशनल फंड्स) एक्ट 1951 और सोसाइटीज रजिस्ट्रेशन एक्ट 1980 के अन्तर्गत केंद्रीय सरकार के विभिन्न दायित्वों का निर्वाह करना भी है।