औद्योगिक नीति और संवर्धन विभाग

राष्ट्रीय प्राथिमिकताओं और सामाजिक-आर्थिक उद्देश्यों को ध्यान में रखते हुए, औद्योगिक नीति और संवर्धन विभाग औद्योगिक क्षेत्रो के विकास हेतु संवर्धनात्मक एवं विकासात्मक उपायों को तैयार करने एवं उनके कार्यान्वन के लिए जिम्मेदार है। यह समग्र औद्योगिक नीति के लिए उत्तरदायी है। यह विभाग अध्ययन और मूल्यांकन करके कुछ विशेष औद्योगिक क्षेत्रो की विकास आवश्यकताओं का पूर्वानुमान भी लगाता है। यह विभाग देश में एफडीआई अंतर्वाहो को सुविधाजनक बनाने और बढ़ाने के लिए भी जिम्मेदार है। विभाग उन्मुक्त विदेशी प्रौद्योगिकी सहयोग द्वारा उद्योग के विभिन्न क्षेत्रों में तकनीकी क्षमता के अधिग्रहण को भी बढ़ावा देता है। यह संभावित निवेशकों को भारत में निवेश वातावरण, अवसरों, लाइसेंसिंग नीति और विधियों, विदेशी सहभागिता और पूंजीगत वस्तुओं के आयात आदि के बारे में सूचना देकर निवेश को बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभाता है। विभाग पेटेंट,डिजाईन,व्यापार चिन्ह और वस्तुओं के भौगोलिक सूचक जैसे बौद्धिक संपदा अधिकारों के लिए भी ज़िम्मेदार है और इनका संवर्धन और संरक्षण करता है। नीतियों और प्रक्रियाओं के विषय में सूचना विभाग की इन्टरनेट वेबसाइट http://dipp.nic.in/ पर उपलब्ध है।

माईगोव पर डीआईपीपी लोगों को विभाग के साथ जुड़ने और विभिन्न मामलों जैसे नीति निर्धारण आदि में अपना सहयोग देने का अवसर प्रदान करता है।