Inviting Blogs from Young Writers on Favourite Indian Author and Book/Novel

Inviting Blogs from Young Writers on Favourite Indian Author and Book/Novel
Last Date Jul 31,2021 23:45 PM IST (GMT +5.30 Hrs)

The national scheme ‘YUVA: Prime Minister’s Scheme for Mentoring Young Authors’ has been launched to empower young minds and create a learning ecosystem that can nurture ...

The national scheme ‘YUVA: Prime Minister’s Scheme for Mentoring Young Authors’ has been launched to empower young minds and create a learning ecosystem that can nurture young learners, for future leadership roles.

Our glorious country has been a global cultural hub for eons. Whether Sangam poetry, contemporary short stories, or essays that shape global thought, India has always been at the forefront of literary expression. No wonder we are ranked 3rd in book publishing, globally.

It's your turn now, to add to this treasure trove and celebrate our heritage on a global stage. MyGov invites young talent like you to share blogs on your favourite Indian author and book/novel.

The best blog contributions will be featured at blog.mygov.in

Instructions to submit your Entry:
1.You can share your blog write-up in any of the formats –word/pdf.
2.Your write-up should not exceed 500 words
3.Submit your entries on mygov.in. Entries submitted through any other medium/ mode will not be considered for evaluation.
4.Participants should not imprint or watermark the entries.

To know more about Prime Minister’s Scheme for Mentoring Young Authors, visit: https://innovateindia.mygov.in/yuva/

The last date to submit your entries is 31st July 2021.

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ALOK KUMAR SHUKLA 3 घंटे 50 मिनट पहले

R.K NARAYAN - MASTER OF CHARACTRISATION OF SOCIETY

ACCORDING TO ARISTOTLE CHARACTER IS THE MOST IMPORTANT THING IN A NOVEL/STORY AFTER THE PLOT.
AMONGST ALL INDIAN MODERN WRITERS R.K. NARAYAN IS THE MOST PROMINENT WRITER WHO PROVIDES PRECISE AND APT CARACTERIDATION IN HIS STORY PRESENTING A SATIRE ON SOCIETY BUT NOT DIRECTLY FOR THE SHAKE OF MORAL DIDACTIC PURPOSE. HIS PURPOSE IS ONLY TO PRESENT THE TRUE RATIONAL PICTURE .

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SUMIT NAGVAN 5 घंटे 31 मिनट पहले

The youth of India are the torchbearers of tomorrow, fueling the nation’s growth with their creativity, skills, and innovative mindset. The participation of youth, in addition to the demographic division we enjoy, will be crucial as we gear up to emerge from the shadow of global pandemic repercussions to build an Aatmanirbhar Bharat.

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Ashwath Sivakumar 7 घंटे 31 मिनट पहले

My favourite Indian author is Ruskin Bond and his 'The Blue Umbrella' is my favourite. His trademark simplicity in setting the narrative and usage of classic character arcs of redemption and empathy were poignantly portrayed. Bond's description of the Himachal village of Garhwal showed a deep bond with nature. I didn't detail the plot as it can be got anywhere, but expressed admiration of his work. Binya, the tourists, old Ram Bharosa & Rajaram were bought to life in so few words nicely.

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ARUN KUMAR GUPTA 10 घंटे 22 मिनट पहले

हमारा पौराणिक ज्ञान विज्ञान आधारित था और हमारी शक्ति था। बाहरी आक्रमणकारियों ने इसलिये सबसे पहले हमारे ग्रंथों को नष्ट किया। जो कुछ टुकड़ों में बचा उसको हमने अपना धर्म समझ कर मान देते हुए पूज्य बना कर पूजा करने लगे। अब वह विज्ञान नहीं धर्म बन गया है। समय की आवश्यकता है कि धर्म को ज्ञान के रूप में पुनर्स्थापित किया जाए। इसके लिए जरूरी है कि जो भी आज का विज्ञान है पहले हमें उसका पूरा ज्ञान होना चाहिए ताकि अपने पुरातन ज्ञान को कसौटी पर कस कर उसकी आज के समय में उपयोगिता और प्रमाणिकता साबित कर सकें

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ARUN KUMAR GUPTA 10 घंटे 29 मिनट पहले

हमारे इतिहास के साथ बहुत अन्याय हुआ है।
हम उसी इतिहास को प्रमाणिक मानते हैं जो उन लोगों के द्वारा लिखा गया जिन्होंने हमारे वास्तविक इतिहास को नष्ट किया।
उन्होंने न सिर्फ इतिहास नष्ट किया बल्कि विश्व को उस ज्ञान विज्ञान से भी वंचित कर दिया जो उस इतिहास में समाहित था।
इतिहास सिर्फ़ राजाओं और रजवाड़ों के जीवनकाल की कहानी नहीं होता।
इतिहास ज्ञान विज्ञान की निरंतरता को सुनिश्चित करता है।
यह सामयिक है कि अब उसी इतिहास को पुनः लिखने का सुंदर प्रयास किया जा रहा है।

11550980
ARUN KUMAR GUPTA 10 घंटे 43 मिनट पहले

हमारे अधिकांश लेखक सामाजिक ताने-बाने पर लिखते हैं।
व्यवहारिक और सामयिक विषयों पर बहुत कम लिखा जाता है। बच्चों के लिए तो यह मान लिया गया है कि सिर्फ पंचतंत्र की कहानियां हैं जबकि बच्चों के लिए प्रेरणादायक लेखन की अत्यंत आवश्यकता है जो उनको राष्ट्रवाद और हमारे गौरवशाली इतिहास के साथ जोड़ सके।
सही पाठन सामग्री के अभाव में बच्चों के लिए सिर्फ टीवी और इंटरनेट पर समय बिताने के अलावा कोई विकल्प नहीं है।
बच्चों के लिए टीवी पर जो सीरीयल बनते हैं वह भी शायद वास्तविकता से परे होते हैं ‌‌‌‌

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Rakesh Singh 17 घंटे 6 मिनट पहले

समाज में अच्छे साहित्य का अभाव मनुष्य के अधूरेपन को दर्शाता है।यह सुखद है कि भारतीय वांग्मय साहित्य के खजाने से भरा पड़ा है।आज भी कविवर निराला की कविताएं हो या मुक्तिबोध की रचनाएं हमें भावविह्वल कर जाती हैं।जीवन संघर्ष को इससे प्रेरणा मिलती है।आवश्यकता है युवा

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Rakesh Singh 17 घंटे 19 मिनट पहले

लेखन स्व‌उपार्जित एक ऐसा धन है जो स्वान्त:सुखाय तो होता ही है,अन्य भी उसमें भागीदार बनते हैं।आज जब हम यह पाते हैं कि सुख प्राप्ति की इस विधा के लिए कम ही लोग लालायित हैं तो कष्ट होता है।तुलसीदास जी की ये पंक्तियां कि अपने सुख के लिए ही रघुनाथ गाथा की रचना मैं कर रहा हूं ।आज सारे हिन्दू समाज को अपने दुखों से लड़ने की ताकत दे रहा है।साहित्य एक ऐसी साधना है जो निर्मल भाव से पूरे समाज को प्रेरणा और सुख प्रदान करता है।आशा एव पूर्ण विश्वास है कि प्रधानमंत्री जी का यह प्रयास सफल होगा।