29 सितंबर, 2019 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात के लिए भेजें अपने सुझाव

Last Date Sep 28,2019 23:45 PM IST (GMT +5.30 Hrs)
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर आपसे जुड़े महत्वपूर्ण विषयों ...

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर आपसे जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार साझा करेंगे। मन की बात कार्यक्रम के 57 वें संस्करण के लिए प्रधानमंत्री आपसे सुझाव आमंत्रित करते हैं, ताकि इस कार्यक्रम में आपके नूतन सुझावों व प्रगतिशील विचारों को शामिल किया जा सके।

'मन की बात' के आगामी संस्करण में आप जिन विषयों व मुद्दों पर प्रधानमंत्री से चर्चा सुनना चाहते हैं, उससे संबंधित अपने सुझाव व विचार भेजना न भूलें। आप अपने सुझाव इस ओपन फोरम के माध्यम से साझा कर सकते हैं अथवा हमारे टॉल फ्री नंबर 1800-11-7800 डायल करके प्रधानमंत्री के लिए अपना सन्देश हिन्दी अथवा अंग्रेजी में रिकॉर्ड करा सकते हैं। कुछ चुनिंदा संदेशों को 'मन की बात' में भी शामिल किया जा सकता है।

इसके अलावा आप 1922 पर मिस्ड कॉल करके एसएमएस के जरिए प्राप्त लिंक का इस्तेमाल कर सीधे प्रधानमंत्री को भी सुझाव भेज सकते हैं।

29 सितंबर, 2019 को प्रातः 11:00 बजे मन की बात कार्यक्रम सुनना न भूलें।

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ajay gupta 1 year 10 महीने पहले

Dear sir हिन्दी भाषा को राष्ट्र भाषा घोषित करने के लिए पहले भारत के सभी लोगों को हिन्दी भाषा बोलना और समझना जरूरी है जबकि कोलकाता और महाराष्ट्र के लगभग 15% लोगो को हिन्दी भाषा बोलने और समझने भी नहीं आता तो अपके कहे बातो को समझेंगे कैसे। मुझे ऐसा लगता है कि अगर हिन्दी का किताब भारत के सभी राज्यों के विद्यालय में लागू कर देना चाहिए ताकि आने वाले चनाव में पूरा भारत आपको जिताएं।

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vikas dubey 1 year 10 महीने पहले

बच्चे की पढ़ाई अपनी मातृभाषा में ही होनी चाहिए , अन्यथा बच्चा गणित विज्ञान आदि विषयों को न समझ कर के अंग्रेजी में प्रश्नों prashnon ke Uttaro को yad रखने में ही लगा रहता है ,uska विकास नहीं हो पाता है हमें बच्चे को शिक्षा उसकी मातृभाषा में ही देनी चाहिए देश महान बन सकेगा

2040
ESWARAN V VELAYUTHAM 1 year 10 महीने पहले

Sir...
Please Consider the Agri People Requirement...
They practical issue vedio clip attached here sir..
If the agri people goes to bank to get loan, so many formalities require by bank...document need parent document and document, patta,chitta, agri holder card, noc from other banks, govt officers confirmation sign etc...so, please help to agri people for get loan the formalities are simplify is easy.

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Isha Rani 1 year 10 महीने पहले

राष्ट्रीय शिक्षा नीति

यदि हम चाहते हैं कि विश्व हमारी भाषाओं को सीखे और इनका सम्मान करे इसके लिए हमें सबसे पहले अपनी शिक्षा नीति को इंग्लिश के वर्चस्व से मुक्त करना होगा।

शिक्षा को मातृभाषा में अनिवार्य किए जाने से ही भारतीय भाषाओं को उनका अधिकार उन्हें वापस लौटाया जा सकता है कोई सपष्ट निर्देश न होने के कारण आज इंग्लिश मीडियम विद्यालय शिक्षा का अंग्रेजीकरण करने के लिए स्वतंत्र बने हुए हैं

नई शिक्षा नीति एक अवसर है भारत सरकार को दिशा निर्धारित करनी है

जय विश्वास जय भारत
भवतु सब्ब मंगलम्

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Harish Kumar T 1 year 10 महीने पहले

warm welcome to everyone,
Now I'm going to explain one existing project but it contain lot of drawbacks now l'm overcome thermique drawbacks .
My project "DATA TRANSMISSION THROUGH LIGHT".The drawbacks of project is the light is not penetrate to object then how to use to transfer data?. Then to make house/office smooth wall which reflect the light inside the room so loss of data reduced. If any object is hid the receiver to the light, the light are which reflect to reach the signal to receiver

4560
Isha Rani 1 year 10 महीने पहले

राष्ट्रीय शिक्षा नीति

देश में इंग्लिश मीडियम विद्यालयों का जो कुचक्र / रोग चल रहा है उसके मुख्य कारण हैं -

1 शिक्षा नीति में सपष्ट और अनिवार्य दिशा - निर्देशों का अभाव
2 अंग्रेजियत की गुलाम मानसिकता
3 दो प्रकार के शिक्षण संस्थान

आज देश में इंग्लिश मीडियम की गलत अवधारणा इस कदर स्थापित कर दी गई है कि अपने ही देश का इतिहास संस्कृति सामाजिक अध्ययन जैसे विषय भी इंग्लिश में पढाए जा रहे हैं

नई शिक्षा नीति एक अवसर है शिक्षा के पुनः भारतीयकरण करने का ।

जय विश्वास जय भारत ।
भवतु सब्ब मंगलम्।