27 अक्टूबर, 2019 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात के लिए भेजें अपने सुझाव

Last Date Oct 26,2019 23:45 PM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर आपसे जुड़े महत्वपूर्ण विषयों ...

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर आपसे जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार साझा करेंगे। मन की बात कार्यक्रम के 58 वें संस्करण के लिए प्रधानमंत्री आपसे सुझाव आमंत्रित करते हैं, ताकि इस कार्यक्रम में आपके नूतन सुझावों व प्रगतिशील विचारों को शामिल किया जा सके।

'मन की बात' के आगामी संस्करण में आप जिन विषयों व मुद्दों पर प्रधानमंत्री से चर्चा सुनना चाहते हैं, उससे संबंधित अपने सुझाव व विचार भेजना न भूलें। आप अपने सुझाव इस ओपन फोरम के माध्यम से साझा कर सकते हैं अथवा हमारे टॉल फ्री नंबर 1800-11-7800 डायल करके प्रधानमंत्री के लिए अपना सन्देश हिन्दी अथवा अंग्रेजी में रिकॉर्ड करा सकते हैं। कुछ चुनिंदा संदेशों को 'मन की बात' में भी शामिल किया जा सकता है।

इसके अलावा आप 1922 पर मिस्ड कॉल करके एसएमएस के जरिए प्राप्त लिंक का इस्तेमाल कर सीधे प्रधानमंत्री को भी सुझाव भेज सकते हैं।

27 अक्टूबर, 2019 को प्रातः 11:00 बजे मन की बात कार्यक्रम सुनना न भूलें।

विवरण देखें Hide Details
सभी टिप्पणियां देखें
रीसेट
2647 सबमिशन दिखा रहा है
3160
Sudesh Kumar 1 year 1 महीना पहले

hon'ble Prime minister,Sri Narendra Modi ji,
can the central government and concerned state governments contemplate to purchase the parali which the farmers burn and pollute air creating a menace to life;purchasing it will encourage them to accumulate it and thereby discourage them to burn the same which will result into better environment.Moreover, the government can find the potential to use them as a source of energy.kindly give a thought to this proposal.sudesh kumar, Dhanbad.

11350
Tushar Pal 1 year 1 महीना पहले

प्रिय नरेंद्र मोदी जी ,
मेरा आपसे निवेदन हे विजयादशमी के दिन रावण के पुतले पर करोड़ो रूपये खर्च किये जाते है। जबकि कुछ ही मिनटों में यही करोडो रूपये जलकर राख बन जाते हे। अगर रावण को बुराई का प्रतीक माना जाता हे तो बुराई पर इतने रूपये क्यों खर्च किये जाते हे। जबकि उन्ही करोडो से देश का विकास भी तो हो सकता हे। जब देश के किसान की बात आती हे तो चंद रूपये के कर्ज के लिए दर-दर भटकना पड़ता हे। शायद दशानन रावण नहीं हे रावण तो हम लोग है।
मेरे विचार से इसे बंद किया जाना चाहिए।
तुषार पाल,नागौर

2270
BHARATBHUSHAN JOSHI 1 year 1 महीना पहले

Respected Sir, I appreciate the best quality of compilation of news on Akashwani. I believe that if we want to train today's youth for English communication, comprehension and compilation, they should listen to News in English and Hindi/ their mother tongue. Can we make it mandatory for all FM channels, including private ones, to transmit Akashwani news twice in a day in English and local language. This will make the youth pick up good communication and also be updated about current affairs.

11350
Tushar Pal 1 year 1 महीना पहले

If the mind is being talked about then in my view, if every person's mind is fulfilled, then perhaps there will be no issue. The issue probably does not exist, people can erase issues like casteism if they want. Because the issue arises only when the needs of the people are not met. Issues arise from this. To erase it, it is necessary to change the thoughts of the people and for this it is necessary to change the mind of the people And for this matter of mind is necessary

Tushar Pal
Nagaur,

11350
Tushar Pal 1 year 1 महीना पहले

मन की बात की जा रही है तो मेरे विचार से अगर हर व्यक्ति के मन की बात अगर पूरी कर दी जाये तो शायद कोई भी मुद्दा नहीं रहेगा। मुद्दे का शायद कोई अस्तित्व ही नहीं हे अगर लोग चाहे तो जातिवाद जैसे मुद्दों को मिटा सकते हे। क्योकि मुद्दा तभी उठता हे जब लोगो की जरूरते पूरी नहीं होती। इसी से मुद्दे उठते है। इसको मिटाने के लिए आवश्यक हे की लोगो के विचारो को बदला जाये और इसके लिए जरुरी हे लोगो के मन को बदला जाये। और इसके लिए मन की बात आवश्यक हे।

तुषार पाल
नागौर, राजस्थान

560
Kunal sarkar 1 year 1 महीना पहले

माननीय श्री मोदी जी हम सब तेलंगाना और अन्य राज्य से है बस इतनी ही बिनती है की इस बार दीपावली होनी चाहिए , नाकी दीवाली (दीवालपन )
ये विडियो आपको और देश को समर्पित है कृपया इसे देखे ,

"NO DEEWALI , "ONLY SWADESHI DEEPAWALI.."
"दीवाली नहीं , " सिर्फ स्वदेशी दीपावली ..."
हमारे नज़रुलनगर के , जाने पहचाने लोग , अध्यापक और , देश विदेश के , प्रांतो से
इस दीपावली की महत्व को जाने , क्यू हम अपने पूर्व संस्कृति को भूल कर वेस्ट कल्चर को
आफ्ना रहे है ,

55000
RAVI KHAVSE 1 year 1 महीना पहले

आज कई जगह होटलों, चाय के ठेलों आदि में व्यवसायिक सिलेंडर की जगह घरेलू सिलेंडर का उपयोग हो रहा है जिससे शासन को नुकसान हो रहा है। अतः सभी होटलों , चाय के ठेलों आदि में उपयोग किए जाने वाले सिलेंडरों की जांच होना चाहिए और दोषी पाये जाने पर उचित जुर्माना लगाना चाहिए।