25 अप्रैल 2021 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम के लिए भेजें अपने सुझाव

Last Date Apr 22,2021 23:45 PM IST (GMT +5.30 Hrs)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर आपसे जुड़े महत्वपूर्ण विषयों ...

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर आपसे जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार साझा करेंगे। मन की बात कार्यक्रम के 76 वें संस्करण के लिए प्रधानमंत्री आपसे सुझाव आमंत्रित करते हैं, ताकि इस कार्यक्रम में आपके नूतन सुझावों व प्रगतिशील विचारों को शामिल किया जा सके।

'मन की बात' के आगामी संस्करण में आप जिन विषयों व मुद्दों पर प्रधानमंत्री से चर्चा सुनना चाहते हैं, उससे संबंधित अपने सुझाव व विचार भेजना न भूलें। आप अपने सुझाव इस ओपन फोरम के माध्यम से साझा कर सकते हैं अथवा हमारे टॉल फ्री नंबर 1800-11-7800 डायल करके प्रधानमंत्री के लिए अपना सन्देश हिन्दी अथवा अंग्रेजी में रिकॉर्ड करा सकते हैं। कुछ चुनिंदा संदेशों को 'मन की बात' में भी शामिल किया जा सकता है।

इसके अलावा आप 1922 पर मिस्ड कॉल करके एसएमएस के जरिए प्राप्त लिंक का इस्तेमाल कर सीधे प्रधानमंत्री को भी सुझाव भेज सकते हैं।

25 अप्रैल 2021 को सुबह 11:00 बजे मन की बात कार्यक्रम सुनना न भूलें

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SATYA PRAKASH TRIPATHI 1 min 39 सेकंड पहले

सर को सादर प्रणाम।।सर कोरोना से होंने वाली मौते लगातार बढ़ती जा रही है।।इसको। रोकने के लिये सरकार को ठोस कदम उठाना चाहिए।।पूरे देश में कम से कम 15 दिन तक अनावश्यक आवाजाही पर प्रतिबंध लगा देना चाहिए।।इन15 दिनों में टीकाकरण पर जोर दिया जाये।।

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SATYA PRAKASH TRIPATHI 1 min 41 सेकंड पहले

सर को सादर प्रणाम।।सर कोरोना से होंने वाली मौते लगातार बढ़ती जा रही है।।इसको। रोकने के लिये सरकार को ठोस कदम उठाना चाहिए।।पूरे देश में कम से कम 15 दिन तक अनावश्यक आवाजाही पर प्रतिबंध लगा देना चाहिए।।इन15 दिनों में टीकाकरण पर जोर दिया जाये।।

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ELAMURUGU R 2 मिनट 18 सेकंड पहले

To control pollution due to vehicles road & transport ministry should give permission to individual companies to convert existing petrol/diesel engine vehicles to electric vehicle in addition to the existing petrol/diesel engine it will give 2 fruit ful results to govt. 1.we can control maisture level in pollution and people may breath fress air it will safeguard the lungs disorder 2.govt.is importing petrol/diesel from arabian countries this financial burden become slowly to neutral

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Archana C S 9 मिनट 2 सेकंड पहले

Respected Sir,

As in this pandemic situation kindly look in to the Teaching faculties of all private schools and colleges who are working continuously online,offline without any break with less salary,more burden of work and also restless life
and some of them have lost their job also.
It is happening in both technical,nontechnical,schools.

As we know that teachers plays an important role in building the nation they are neglected.
I request u to look into this matter.

Thank u sir

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ELAMURUGU R 10 मिनट 33 सेकंड पहले

Government should not do business it should do only administration,to meet additional financial expenditures and to save peoples from covid-19,the govt. Should decide now to sell all loss making public sector unit like bsnl & MTNL and their assets should be sold out thro open tender process and road & transport ministry should give permission to individual companies to convert existing petrol/diesel engine vehicles to electric vehicle in addition to the existing petrol/diesel engine

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Ashok Tolanavar 13 मिनट 30 सेकंड पहले

Dear PM ji,

You are an ideal cone for me. You are a great visionary for the nation. You have lived by example. When it comes to elections rallies and mass public addresses in the states where elections are being held, you have slipped. You have been advising the citizens of the nation to keep a safe distance, wear masks, and sanitize. Restrictions are being put on marriages, cinema halls, workplaces, etc. whereas all the limits are broken in the election rallies by Rule and Policymakers.

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RAVINDRA KUMAR SHARMA 14 मिनट 27 सेकंड पहले

या पुलिस को देखकर मास्क लगाने की खानापूर्ति कर रहे है. प्लीज कोरोना प्रोटोकॉल को कड़ाई से पालन कराएं लेकिन लॉकडाउन को को ना कहें. हमें परिवार का भरण पोषण करने के लिए काम भी करना है , कोरोना से युद्ध भी करना है. जीतना भी है. कोरोना से डरकर छिपना भी नहीं है. बिना काम के बाहर नहीं निकलना है. कोरोना प्रोटोकॉल को अपनाना है. जय हिन्द

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Mahesh Patil 17 मिनट 12 सेकंड पहले

respected sir I am Mahesh Patil malkhed. district kalburgi, Taluk sedam
kalyana Karnataka
ಮಾನನ್ಯೇ ಶ್ರೀ,ಪ್ರಧಾನಮಂತ್ರಿ ಜಿ ನನ್ನ ನಮಸ್ಕಾರಗಳು, ನಮ್ಮ ದೇಶದಲ್ಲಿ ಹಿಂದೆ ಗೋವುಗಳ ಆಧಾರದ ಮೇಲೆ ಸಂಪತ್ತು ನಿರ್ಧರಿಸುತ್ತಿದ್ದರು ಆದರೆ ಈಗಿನ ದಿನಗಳಲ್ಲಿ ಗೋವುಗಳು ನಮ್ಮ ದೇಶದಲ್ಲಿ ವಿನಾಶದ ಅಂಚಿನಲ್ಲಿವೆ ದಿನಕ್ಕೆ ಸಾವಿರಾರು ಗೋವು ಗಳು ನರಭಕ್ಷಕರು ಕೊಂದು ತಿನ್ನುತ್ತಿದ್ದಾರೆ . ಗೋವು ಮನುಷ್ಯನಿಗೆ ಡಾಕ್ಟರ್ ಇದ್ದಂತೆ ಏಕೆಂದರೆ, ಗೋವಿನ ಯೂರಿನ್ ಮನುಷ್ಯನಿಗೆ ತುಂಬಾ ಉಪಯೋಗ ಮುಂಜಾನೆ ಖಾಲಿ ಹೊಟ್ಟೆಯಲ್ಲಿ ಗೋವಿನ ಯುರಿನ್ ಸೇವನೆಯಿಂದcoved-19 ಗುಣಪಡಿಸಬಹುದು ಗೋವು ಸೇವೆ ಸಂಕಲ್ಪ ಮಾಡೋಣ

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RAVINDRA KUMAR SHARMA 18 मिनट 41 सेकंड पहले

भारत जैसे विकासशील देश में लॉकडाउन बहुत बड़ा खतरा है. निसंदेह पिछले साल के लॉक डाउन से अभी देश उबर नहीं पाया था की कोरोना के प्रचंड रूप ने देश को लॉकडाउन जैसे मोड़ पर फिर खड़ा कर दिया है. पर इस बार अगर लॉकडाउन लगा तो अराजकता जैसा माहौल भी हो सकता है. इसलिए प्रधानमंत्री जी से निवेदन है की देश में लॉकडाउन न करके कोरोना से बचाव के रूल को कड़ाई से फॉलो करवाएं। कोरोना के केस इतने अधिक होने के बावजूद सार्वजानिक स्थलों में भीड़ अभी भी जुट रही है। अधिकांश लोग अभी भी मास्क नहीं लगा रहे है.

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sainath purbhaji bais 22 मिनट 7 सेकंड पहले

dear sir
गांव में रहनेवाले हिन्दू परिवार जिनको खेती नहीं है नौकरी नहीं है परिवार के किसि भि सदस्य के नाम पर
ऐसे सच में गरीब लोगों की जिंदगी बहुत हि बेहाल है
सरकार की किसी भी योजना का लाभ नहीं मिल रहा है सरकारी योजनाओं का लाभ पैसे वाले लोग ही उठा रहे हैं
और खाद्य तेल की किमत 150 rs किलो हुई है जो इन गरिब लोगों को मुश्किल बनी हुई है इन पर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं
जिने के लिए जितना जरूरी है उतना भी नहीं मिल रहा है
मंहगाई बहुत बढ़ गयी है और इनकम कुछ भी नहीं कैसे जिये
sir please care sir please