सिविल सेवा दिवस के अवसर पर किसानों के लिए बैठक

Session on  Farmers on Civil Service Day
Last Date Apr 07,2015 18:30 PM IST (GMT +5.30 Hrs)
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हर साल 21 अप्रैल को सिविल सेवा दिवस का आयोजन किया जाता है, जहाँ सिविल ...

हर साल 21 अप्रैल को सिविल सेवा दिवस का आयोजन किया जाता है, जहाँ सिविल सेवक नागरिकों के हितों के लिए खुद को पुनःसमर्पित करते हैं और सार्वजनिक सेवाओं के लिए अपनी प्रतिबद्धता एंव नवीनीकृत को दोहराते है। इस श्रृंखला के 9 वें सिविल सेवा दिवस का आयोजन विज्ञान भवन नई दिल्ली में 20-21 अप्रैल, 2015 को किया जा रहा है।

इस सम्मेलन का उद्देश्य सिविल सेवा के महत्वपूर्ण पहलुओं पर विचार करना, चर्चा करना और सुझावों का आदान प्रदान करना है। किसानों पर प्रस्तावित सम्मेलन के लिए निम्नलिखित विषयों पर सिविल सेवकों और जनता से सुझाव मांगें जा रहे हैः

1. अगले दो साल में किन क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता हैं? सबसे महत्वपुर्ण क्या है और सिविल सेवकों के रूप में हमारे लिए महत्वपूर्ण क्षेत्र क्या है?

2. लैब से फार्म तक- हम कृषि अनुसंधान शुरू करने के लिए अधिक से अधिक लोगों को कैसे प्रोत्साहित कर सकते हैं? हमारे बैकएंड अनुसंधान को मजबूत करने के लिए क्या किया जाना चाहिए?

3. फार्म से टेबल तक - हमारे आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत बनाने में प्रमुख मार्कर क्या हैं? उपभोक्ता विकल्प की बढ़ती विविधता के रूप में किसानों को क्रय शक्ति क्षमता में वृद्धि द्वारा लाभ कैसे हो सकता है?

4. एसेस टू क्रेडिट - हम किसानों की बेहतरी के लिए वित्तीय समावेशन का लाभ कैसे उठा सकते है?

5. भूमिहीन श्रमिकों के संबंध में क्या रणनीति बनानी चाहिए? हम यह कैसे सुनिश्चित करें की वे अवसरों का उपयोग करने में सक्षम हैं?

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chandravir singh 4 साल 7 महीने पहले

we manufacture our products and we decide the rates with our profit and all overheads , but our poor farmers are forced to accept MSP. They should be given the right to decide the MRP as per the crop. For e.g in one acre a farmer in Punjab yield 30quintal of wheat where as in U.P it is about 15quintal. So seeing this the it should be MRP decided by Farmers.

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George Thomas 4 साल 7 महीने पहले

Dear Sir
We find lot issues regarding pesticide residue in agricultural produce .Main reason for that is farmers are not aware of the type pesticides and herbicide to be used for controlling the pests or fungus.The pesticides company's which sells the pesticide don't provide the details like usage in legible manner on the cover or container it is supplied. If we have read it is quite difficult.So farmers are relaying on the shops for advice so they ask farmers to mix high dosage which leaves

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chandravir singh 4 साल 7 महीने पहले

Dear Sir,
Yeh hamare desh ki kaisi vidambana hai ki agar kisan marta hai toh 5lakh lekin usko jinda rakhne ke liye Rs 50000/ tak ka anudan nahi diya jata hai.
Please look into this comment seriously make a committee our proud farmers are really crying nowadays no one is willing to be a farmer.

Its better if we make agrizone rather than SEZ so farmer can grow crops and can sell it in these zones.

It can be made in 100km range. They can grow but they cannot do the marketing.

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yatish chandra shukla 4 साल 7 महीने पहले

एक ऐसी वेब साईट होनी चाहिए जिस पर किसान अपनी बोई हुई फसल का विवरण दाल सके तथा उस आधार पर उसका फसली बीमा किया जा सके. साथ ही उस वेब साईट से हम एक क्षेत्र विशेष में फसल की संकेंद्र्ता का अनुमान लगा सकते हैं साथ ही कृषि उपज विपरण की व्यवस्था भी कर सकते हैं.

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DINESH SHADANGI 4 साल 7 महीने पहले

Farmers are closely related with local authority of revenue dept. like patwari,Revnue inspector,tahsildar then collector.The lower authorities should be done all land related work properly and within time of farmers like demarcation ,name change ,division of land numbers etc.

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Parikshit Bhargav 4 साल 7 महीने पहले

Government should also focus on the laborers working in the Farms of the farmers.They are the real poor in the Indian Agricultural Sector,as their earning comes as daily wage and no security for their work,no Government scheme for them and they are sometimes used as slaves in very difficult working conditions.Some of these laborer are 'Migrant' moving from one place to another,how their children's education could be secured??
Please Sir,Do somethings for these Laborers in Villages or Cities.