संघ प्रदेश दादरा एवं नगर हवेली में सर्वेक्षण/पुन:सर्वेक्षण और उस पर अनुसंधान पर अपने विचार साझा करें

Share views on Survey/Resurvey in the UT of Dadra & Nagar Haveli and its Promulgation under NLRMP Scheme
Last Date Apr 01,2016 00:00 AM IST (GMT +5.30 Hrs)
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दादरा एवं नगर हवेली का भौगोलिक क्षेत्र 491.00 वर्ग किलोमीटर हैं, जो ...

दादरा एवं नगर हवेली का भौगोलिक क्षेत्र 491.00 वर्ग किलोमीटर हैं, जो उत्तर में गुजरात और दक्षिण में महाराष्ट्र राज्यों के मध्य स्थित है| कुल क्षेत्र में से 40% क्षेत्रफल वन है|

सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त विभाग की मुख्य भूमिका संबधी विभिन्न प्रकार के कार्यों जैसे कृषि विषयक और गैर कृषि विषयक भूमि का परिमाप, नक्शों को जारी करना, जिला नंबर को जारी करना इत्यादि हैं| भूमि रिकार्ड के कम्प्यूटरीकरण/नवीनीकरण के लिए सर्वेक्षण विभाग दादरा नगर हवेली द्वारा एन.एल.आर.एम.पी. योजना के अंतर्गत सर्वेक्षण/पुन: सर्वेक्षण किया गया है| उक्त कार्यक्रम के अन्तर्गत पूराने रिकार्ड का डिजिटालाईजेशन, आधुनिक रिकार्ड कक्षों की स्थापना, सत्यापन आदि नक्शों का डिजिटालाईजेशन, एकीकृत सोफ्टवेयर, डिजिटालाईजेशन पध्धति के साथ डाटा डिजिटालाईजेशन वैधिकरण, प्रमाणित इत्यादि को कार्य किये गए है| कुल भूमि रिकार्डों के यथोचित अनुसंधान करके लागू करने के पश्चात नक्शों को ऑन लाइन उपलब्ध किया जाएगा|

एन.एल.आर.एम.पी. योजना के अंतर्गत विभिन्न राज्यों ने सर्वेक्षण/पुन:सर्वेक्षण किया है| लेकिन इसका अनुसंधान करके लागू करना विचाराधीन और इसके अध्ययन-विचार के स्तर पर हैं| यदि हम सर्वेक्षण /पुन: सर्वेक्षण का अनुसंधान करके लागू करते हैं, तो एन.एल.आर.एम.पी. योजना के अंतर्गत सर्वेक्षण/पुन:सर्वेक्षण का अनुसंधान करके लागू करने के लिए संघ प्रदेश दादरा एवं नगर हवेली प्रथम प्रदेश होगा|

सर्वेक्षण /पुन: सर्वेक्षण का अनुसंधान करके लागू करने के लिए दो तरीके है| (1) सहज अनुसंधान करके लागू करना और (2) विस्तृत अनुसंधान करके लागू करना|

सहज अनुसंधान करके लागू करने के लिए भूमि धारकों से स्थल पर ही आपत्तियों के समाधान करने का तरीका है| यद्यपि अन्य मामलों में इसे सर्वेक्षण / पुन: सर्वेक्षण के अनुसार अंतिम रूप दिया जाएगा| शिक्षित भूमिधारक सर्वेक्षण / पुन:सर्वेक्षण को समझेंगे और उनकी आपत्तियों को दर्ज करायेंगे| लेकिन अशिक्षित भूमिधारक सर्वेक्षण / पुन:सर्वेक्षण (नक़्शे को पढ़ना ) के बारे में नहीं समझ पायेंगे और वे उसी समय किसी भी आपत्ति को दर्ज नहीं करायेंगे और इसलिए अनुसंधान करके लागू करने के प्रश्चात भविष्य मंह जटिलता उत्पन्न होगी और ऑन लाइन सेवा के लिए विभाग को कठिनाईयों का सामना करना पडेगा|

यद्यपि विस्तृत अनुसंधान करके लागू करने में उक्त कार्य के लिए नियुक्त अधिकारी को क्षेत्र में जाना होगा और 1965 के सर्वेक्षण के साथ हाल ही में किये गए सर्वेक्षण / पुन:सर्वेक्षण की तुलना करनी होगी और पत्थर से चिन्हित करना होगा और सीमाओं का पुन: सीमांकन करना होगा और उसके पश्चात अनुसंधान करके लागू की जाएगी|

सर्वेक्षण / पुन:सर्वेक्षण के विस्तृत अनुसंधान करके लागू करने के साथ अधिकतर विवादित मामलों का समाधान किया जायेगा और शेष विवादित मामलों के बारें में जनता को जागृत किया जाएगा और उन में से किसी अधिकारी को अपील करनी होगी| उपरोक्त जागरूकता के कारण उनको एक कार्यालय से दूसरे कार्यालय में नहीं जाना पडेगा और सर्वेक्षण विभाग दादरा एवं नगर हवेली भूमि राजस्व प्रशासन विनियम अधिनियम-1971 के अन्तर्गत उनके समस्याओं का निराकरण करने में भी सहायता करेगा| यदि आवश्यकता पड़ने पर प्रशासन उन विवादित मामलों के समाधान के लिए वर्तमान नियमो में आवश्यक संशोधन करना प्रारंभ करेगा, जो लम्बे समय से लम्बित है और ऐसे मामलों का बंदोबस्त करेगा और अंतिम रूप देगा|

पत्थर को चिन्हित करने का शुल्क पत्थर की कींमत के अनुसार भूमि धारक से वसूल करना होगा और आदिवासी भूमि धारकों को थोड़ी छूट देने के पश्चात भूमि धारकों से दादरा एवं नगर हवेली शुल्क संरचना के अनुसार सरकारी शुल्कों को वसूल करेगा ताकि सरकार को उक्त कार्यों के लिए अतिरिक्त खर्च नहीं करना पडेगा| विस्तृत अनुसंधान करके लागू करने में समय लगेगा लेकिन भविष्य में कोइ भी दुविद्या ऑन लाइन सेवा पर उत्पन्न नहीं होगी|

इसलिए हम इस संबंध में जनता से उनके विचारों / सुझावों पर अपनी प्रतिक्रया देने के लिए अनुरोध करते हैं, ताकि अनुसंधान करके लागू करने के कार्य को सफलतापूर्वक संपन्न करने के लिए उनके बहुमूल्य विचारों विभाग को मदद करेंगे|

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Vinay Kumar Das 4 साल 2 महीने पहले

We have to learn the better management.today more than 60% people are young.And it is said that young people are more enthusiastic.But if they will not get the right way to use their skill they may lead to the wrong direction in that case who will be the responsible.If govt. will not take the appropriate step then very soon india will lead to an un directional way.The way population is increasing in the same way vacancy is not available in the market.As a result it leads to frustration.

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Vinay Kumar Das 4 साल 2 महीने पहले

Things can be manage in good way with limit people.but it will goes out if control with the uncontrollable population.very soon we are going to be the no. 1 in the world in terms of population.This is not the achievement.This is what we have to shame on ourself.Today no. Of starved people is increasing day by day in india.Today we are the country in asia where the people get the least salary for their work.Today we are the country where if 1 vacancy comes and 1000 application reached.

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Vinay Kumar Das 4 साल 2 महीने पहले

With due respect I want to say that the population is increasing like a fire in forest.due to which all problems arises.The root of all problem is this crowd or population whatever u say.I request to our honourable PM to bring a population control act in the Lok Sabha assembly an citizen of india have to strictly follow this.Sir kindly share your view on this serious topic in "Man ki Baat".Today every problem such as poverty,pollution,unemployment,starvation and many more.

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MANAN Bhatt_1 4 साल 3 महीने पहले

INS KHUKRI

We the jawans are the most under privileged scheduled class of this nation. We are less educated as we have joined the military at very young age. I joined NAVY when I was 17. Even our martyrs are not given the respect they deserve. For example there is INS Khukri war memorial at DIU. over there placed a stone plaque engraved with names of the martyrs who died when the ship sank during 1971 indo pak war. On that stone carving sailors names are written without their ranks!!! And all the officers names are engraved prefixing their RANKS!!!! injustice ANYWHERE EVERYWHERE EVEN IN MARTYRDOM. Were the martyr sailors of INS Khukri all civilians who just happened to be there onboard for recreation????
Most names of the sailors are also incorrect wrongly spelt omitted. If these are mistakes than It is a national shame. If this is done deliberately please hang the responsible.
NAVAL officers who are too proud of their know how of English and renowned for their explicable service writing, letter drafting skills are to be held guilty, responsible.