वित्तीय क्षेत्र में बजट प्रावधानों के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए अपने विचार साझा कीजिए

अंतिम दिनांकMar 31,2021 23:45 PM IST (GMT +5.30 Hrs)
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माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 26 फरवरी 2021 को वित्तीय ...

माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 26 फरवरी 2021 को वित्तीय क्षेत्र में केंद्रीय बजट प्रावधानों के प्रभावी कार्यान्वयन पर वेबिनार को संबोधित करेंगे।

वित्तीय क्षेत्र से संबंधित केंद्रीय बजट में प्रमुख घोषणाएं निम्न हैं और हम जनता और अन्य हितधारकों से विचार और सुझाव आमंत्रित कर रहे हैं

• राजकोषीय घाटा सकल घरेलू उत्पाद का 9.5% है जोकि 2021-22 में 6.8% अनुमानित है
• राज्यों को इस वर्ष जीएसडीपी का 4% तक उधार लेने की अनुमति देने का प्रस्ताव
• सेबी अधिनियम, डिपॉजिटरी अधिनियम और दो अन्य कानूनों के प्रावधानों को समेकित करते हुए एक यूनिफाइड सिक्योरिटीज मार्केट कोड का निर्माण
• एफडीआई सीमा को 49% से बढ़ाकर 74% करने का प्रस्ताव
• स्ट्रेस्ड लोन लेने के लिए एक परिसंपत्ति पुनर्निर्माण कंपनी की स्थापना की जाएगी
• बैंक जमाकर्ताओं के लिए डिपॉजिट इंश्योरेंस 1 लाख रुपये से बढ़कर 5 लाख रुपये
• 2008 की सीमित देयता भागीदारी अधिनियम को डिक्रिमिनलाइज करने का प्रस्ताव
• इस वर्ष दो पीएसयू बैंक और एक सामान्य बीमा कंपनी का विनिवेश किया जाएगा
• इस वित्तीय वर्ष के लिए एलआईसी का एक आईपीओ
• बीपीसीएल, आईडीबीआई बैंक, एयर इंडिया की रणनीतिक बिक्री

सुझाव भेजने अंतिम तिथि 31 मार्च 2021 है।

रीसेट
914 सबमिशन दिखा रहा है
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Sourabh Dubey 6 महीने 3 सप्ताह पहले

आदरणीय,
मै सौरभ दुबे रायपुर का निवासी हूँ
मेरे अनुभवानुसार मास्क से ज्यादा सेनेटाईजर पर देना चाहिए क्युकी कोरोना एक ऐसा परजीवि है जो कि छुने से किसी वस्तु से अधिक फ़ैलता है
अत: आपसे निवेदन है की हो सके तो सारे राष्ट्र को राज्य सरकार द्वारा कम दामो में 5 से 10 र मे सेनेटाईजर घर घर / या केम्प द्वारा प्रदान किया जाए जिससे लोग उत्साहित हो इसका उपयोग करे और कोरोना से बचाव हेतु प्रयास सफ़ल हो सके /

🙏🇮🇳 जय हिन्द जय भारत
आपके देश का नागरिक
सौरभ दुबे
रायपुर छ. ग.
8871744178

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KRITIKA NANGIA 6 महीने 3 सप्ताह पहले

One of the problem with industrial finance is that it is grossly inadequate for the continuously growing and large requirements, especially to meet the needs of large industries. Besides, the securing and servicing of foreign funds are becoming difficult and expensive. Thus as a result of paucity of fund the expansion of industries is becoming very difficult.

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Gagan kaur 6 महीने 3 सप्ताह पहले

यदि भारत जैसे देश को आत्मनिर्भरता जैसे कदम की ओर बढ़ना है तो FDI का निवेश बढ़ाना होगा लोगो को फण्ड की जरूरत है जिससे अपना व्यपार शुरू किया जा सके नए नए इंटरपेंयुर के लिए एक सम्रद्ध माहौल बन सके वितीय बाजार जोखिमो से भरा है निवेश को किस तरह सुरक्षित किया जाय यह भी जरुरी है बैंको की हालत को देखते हुए प्रत्येक निवेश बीमित होना चाहिये और सबसे ज्यादा जरुरी की हर व्यक्ति को भी अपना पोर्टफोलियो बनाना स्टार्ट करना चाहिये वितीय बाजार बहुत बड़ा है जनता रिस्क नही लेना चाहती सुरक्षहित निवेश को सरल और आसान माना