यात्री गाडि़यों में ज्वटलनशील सामग्री ले जाने के कारण होने वाली दुर्घटनाएं

Accidents due to carrying of inflammable materials  in passenger trains
Last Date Jul 17,2015 04:15 AM IST (GMT +5.30 Hrs)
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रेल अधिनियम की धारा 67 के अंतर्गत :- ...

रेल अधिनियम की धारा 67 के अंतर्गत :-

1. इस धारा के प्रावधानों के अनुसार कोई भी व्यक्ति अपने साथ खतरनाक या आपत्तिजनक सामग्री लेकर रेल में यात्रा नहीं करेगा और न ही रेल तथा रेल प्रशासन से इस प्रकार की सामग्री ले जाने की मांग करेगा।

2. कोई भी व्यक्ति उप धारा (1) में निर्दिष्ट सामान अपने साथ रेल में तब तक नहीं ले जा सकता जब तक कि वह उस खतरनाक या आपत्तिजनक सामान की लिखित सूचना किसी अधिकृत रेलवे कर्मचारी को नहीं दे देता।

3. कोई भी व्यिक्ति उपधारा (1) में निर्दिष्ट सामान को तब तक नहीं भेज सकता जब तक कि वह सामान के बाहर उसकी खतरनाक या आपत्तिजनक प्रकृति को चिन्हित नहीं कर देता है और उस खतरनाक या आपत्तिजनक सामान की लिखित सूचना किसी रेलवे कर्मचारी को नहीं दे देता।

4. यदि किसी रेल कर्मचारी को सामान के खतरनाक और आपत्तिजनक होने का संदेह होता है तो उपधारा (2) या (3) के तहत उसी समय सामान की तलाशी ली जा सकती है।

5. इस धारा के प्रावधानों के अनुसार, किसी भी रेल कर्मचारी को यह संदेह हो कि सामान को ले जाने के लिए इस धारा के उपबंधों का अनुपालन नहीं किया गया है। तो वह किसी खतरनाक या आपत्तिजनक सामान को ले जाने रोक सकता है और उसे हटा भी सकता है।

6. इस धारा में उल्लिखित कोई भी नियम भारतीय विस्फोैटक अधिनियम के प्रावधानों, 1884 (1884 के 4) या किसी अधिनियम के अंतर्गत बनाए गए किसी नियम या आदेश के उपबंधों का उल्लंघन नहीं करता है और उपधारा (4) और (5) में निर्दिष्ट कोई भी नियम सरकार द्वारा दिए गए किसी आदेश, उसकी ओर से वहन के लिए सौंपे गए किसी सामान पर या किसी ऐसे माल पर लागू नहीं होती है जिसे कोई सैनिक, नाविक, वायुसैनिक या संघ के सशस्त्रआ बल का कोई अन्यर अधिकारी, कोई पुलिस अधिकारी या राष्ट्रीाय कैडैट कोर की प्रादे‍शिक सेना का कोई सदस्यि अपने कर्तव्यध पालन हेतु अपने साथ ले जा रहा हो।

इसके बावजूद यात्री पटाखे, पेट्रोलियम उत्पारद, विस्फोटक जैसी ज्वपलनशील तथा खतरनाक सामग्री अपने साथ ले जाते हैं जिसके परिणामस्वदरूप अनेक दुर्घटनाएं होती हैं तथा मानव जीवन की हानि होती है।

यात्रियों द्वारा ज्व लनशील सामग्री ले जाने के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को कम करने के लिए अपने सुझाव दें।

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1720
HARIKRISHNA CHANDRAKANI 4 साल 4 महीने पहले

arrange a free reporting, calling or messaging center where action will be taken immediately without telling a name of person who has reported regarding inflammable materials in train, numbers should be in posters in stations and also in train, if any train compartment is not clean that should also be solved from this toll free and reporting numbers

4640
gopal krishna_2 4 साल 4 महीने पहले

Scanning machines installed at major stations are for name sake, due to their less number as compared to commuters crowd , so such facilities need an expansion immediately,
and then more important is monitoring and frisking activates to be taken more seriously with help of regular drill activities and time to time surprise tests of such facilities installed with
Inter cooperation from diff. security agencies including army in order to ensure zero tolerance to safety of commuters and Railway.

1420
Suit Sankhla 4 साल 5 महीने पहले

sir
Railway India ka sabse bada transport ka jariya hai
aaj 60 years mai railway ka vahi purana system chal raha hair pls app kuch baato par dhyan De
passenger ko credit aur debit card se ticket ki payment ka option hona chahiye
local passenger ke like dibbo ki sankhya double honi chahiye
toilet system change hona chahiye
TTE ke pass online elec.machine se train mai ticket katni chahiye
ticket par barcote hona chahiye
TTE baarcot se ticket ko scan karne
aur passenger ko station par in