पीएमएफबीवाई के तहत आगामी खरीफ सीजन 2022 में IEC ऐक्टिविटीज़ को लागू करने के लिए सुझाव आमंत्रित

Inviting suggestions for implementing the IEC activities in the upcoming Kharif Season 2022 under the PMFBY
आरंभ करने की तिथि :
Apr 27, 2022
अंतिम तिथि :
May 30, 2022
23:45 PM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

हमारा उद्देश्य माइगोव के माध्यम से नागरिकों की भूमिका 'किसान ...

हमारा उद्देश्य माइगोव के माध्यम से नागरिकों की भूमिका 'किसान भागीदारी, प्रथमिकता हमारी' कैम्पेन में सुनिश्चित करना है। हमारे किसान एवं अन्य नागरिकों के सुझावों को मंत्रालय IEC एडवाइजरी कमिटी द्वारा अनुमोदन के बाद भविष्य में किसानों के लिए लागु करेगी।

प्रतिभागी अपने विचारों को एक छोटे से वीडियो या लिखित में साझा कर सकते हैं।

जमा करने की अंतिम तिथि 30 मई 2022 है।

रीसेट
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Mr Gunisetty Srinivasulu 2 महीने 2 सप्ताह पहले

Drone technology should be used in agriculture field particularly in hilly areas and remote fields.Farmers are not aware of technology. They must be educated. Seperate apps for weather reports , would testing,advise on farming issues and suggestions for using technology are to be provided

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Raviraj Ghodke 2 महीने 2 सप्ताह पहले

Hii there ,
Thanks for saving space by not explaining what IEC is. I don't know what it is? Still I am wasting space here,as you have generously saved for me. It would have been nice though if you had given long form in introduction after mentioning in headlines. Is it some kind of closed group activity? Where those who know knows others can stay away. I was hoping to add my 2 bit advice, which is useless to you but had great value to me. I would have felt reformer, nation builder and what not. I would have slept soundly knowing I did my part, I gave valuable input in policy making. Now, nothing. I will live my life as an ordinary citizen whose advice is not valuable instead outright unacceptable or repulsive. Weather is hot here. Please add some overhead shades at traffic lights. Here, my unrelated advice for today before leaving. I did my part.
Thank you.

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Ankitkumargupta 2 महीने 2 सप्ताह पहले

माननीय प्रधानमंत्री जी को सादर प्रणाम वंदे मातरम
माननीय मैं अंकित कुमार गुप्ता जबलपुर मध्य प्रदेश से मैं अपने विचार आपके सक्षम रखना चाहता हूं खरीफ फसल में किसानों के साथ साथ प्राइवेट सेक्टर को भी मोका देना चाहिए इस से हमारे किसान भईयो को बहुत कुछ सीखने भी मिलेगा और हमारे
कृषि सेक्टर मे कई लोगों को रोजगार उपलब्ध होगा और नए अवसर भी प्राप्त होंगे ll धन्यवाद 🙏

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nasiya thakur 2 महीने 2 सप्ताह पहले

माननीयन देश के प्रधानमंत्री श्रीमान नरेंद्र मोदी जी से निवेदन है कि जो किसानों के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना चल रही है उसमें लघु एवं सीमांत किसान भाइयों के लिए प्रीमियम दर कम होना चाहिए एवं बड़े किसानों के लिए जो सामान्य है उस तरह होना चाहिए तथा फसल बीमा योजना संबंधित किसानों की बीमित राशि जमा होने से लेकर फसल नुकसानी एवं किसानों के मुआवजा राशि दिलाने तक के अलग संस्था होना चाहिए आदि संस्था अलग ही बनाना चाहिए जिससे किसान भाई को अन्य विभाग या अन्य लोगों के पास दौड़ने की आवश्यकता नहीं हो एवं किसान भाई के प्रीमियम समय से जमा हो जाए एवं नुकसानी पड़ने पर सर्वे होने पर उसी संस्था द्वारा तुरंत नुकसान की भरपाई की जाए
जय जवान जय किसान जय भारत

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Akshayrathor 2 महीने 2 सप्ताह पहले

माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी मैं आपसे नम्र निवेदन करूंगा कि भारत में सभी किसान जो लहसुन की फसल उगाते हैं उन सभी को जैसे अफीम की फसल उगाते हैं वैसे ही लहसुन की फसल लगाने को कहा जाए व लहसुन की एक निश्चित एमएसपी लागू की जाए व किसान के लिए लहसुन की फसल लगाने के लिए एक निर्धारित सीमा निश्चित की जाए जिससे लहसुन की फसल का भाव हमेशा बना रहेगा और किसानों को आत्महत्या करने की जरूरत नहीं पड़ेगी व इससे अमीर व गरीब दोनों किसानों को फायदा होगा धन्यवाद!

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Dipak Vitthalrao Mhasal 2 महीने 2 सप्ताह पहले

Maharashtra Govt. run the two Karzmukti Yojana but last 2 years 38% of farmers neglect by the government of Maharashtra. So please check the attachment and take the action with good governance and send a copy of action to me by mail or mobile number. I any help about this please contact with me.
thanks