पंचायत-विजन@2047 के लिए विचार आमंत्रित

पंचायत-विजन@2047 के लिए विचार आमंत्रित
आरंभ करने की तिथि :
Apr 11, 2022
अंतिम तिथि :
May 14, 2022
23:45 PM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

'आजादी का अमृत महोत्सव' के इस प्रतिष्ठित सप्ताह में "पंचायत विजन@2047" पर ...

'आजादी का अमृत महोत्सव' के इस प्रतिष्ठित सप्ताह में "पंचायत विजन@2047" पर हमारा लक्ष्य देश भर के नागरिकों से नवीन विचार प्राप्त करना है। यह विचारों का एक पूल विकसित करने में सक्षम करेगा, जिससे आने वाले वर्षों के लिए पंचायतों के लिए एक दृष्टिकोण तैयार करने में मदद मिलने की संभावना है।

सबमिट किए गए सर्वोत्तम विचारों के विषयपरक विश्लेषण के आधार पर विजेता को शॉर्टलिस्ट किया जाएगा।

अपने विचार और सुझाव साझा करने की अंतिम तिथि 14 मई 2022 है

रीसेट
844 सबमिशन दिखा रहा है
83140
Pradip Mandge 3 महीने 1 week पहले

जैसे कि पूरे देश को मालूम है कि रेत/गौण खनिज माफिया और डाकूओं में में कोई अंतर नहीं होता है। विभिन्न राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं की रोज़ी रोटी यही है। पंचायतों में भी भ्रष्टाचार की जड़ यही है। खनिज निगम और पंचायतों में इस विषय पर बेहतर तालमेल की जरूरत है। रेत खनन स्थलों की मोनिटरिंग CCTV system/drone आदि से , पंचायतों द्वारा की जानी चाहिए। यह उनके revenue generation में सहायक होगा।

15590
balasaheb Chaudhari 3 महीने 1 week पहले

sir
Desh ko azadi mile bahot saal ho gaye...hum amrut mahotsav manane ja rahe hai ...lakin abhi tak desh ke bahot se bhago me pine pani nahi mila raha hai..jaha milata hai vah shudh nahi milata nahi.nagariko gambhir bimari ka samana karana padata hai..
Pine ka pani gamin bhago me free me dena chahiye .
pachayat ke taraf se jo kam hote hai ..usaka third party inspection hona chahiye ..quality nahi hai ..bahot problem hai...lakin paper work bahot accha hai

thanks you

15810
Nikita Sinha 3 महीने 1 week पहले

From my experience the panchayat in minimum financial areas should be getting more concentration and focus in the fields of electricity, water, occupation etc. And also proper amount of money on thier crops and grain.
every children should atleast get the education till the age of 14.Thier are more complications in our society and we focus and solve the problem together, to get a more powerful and United country. 🇮🇳❤

16440
Akshay Gosai 3 महीने 1 week पहले

Respected ma'am/sir, 

During the lockdown I made a theory which shows difference between developed and developing nations and how we can make  14% more jobs available in many government sectors and it will be helping in development of India and other developing nations so far. I need your guidance to make this executable.   

I am sending a video regarding the same .     
This will take 5 minutes of yours.

Thanking you for your concern.

51710
ShivSingh 3 महीने 1 week पहले

पृथ्वी दिवस मनाने के पीछे मकसद और प्रेरणा आर्बर डे के उत्सव के विचार से उत्पन्न हुई, जो एक धर्मनिरपेक्ष दिन है, जिस पर पूरे समुदाय को पेड़ लगाने के लिए प्रेरित किया जाता है। आर्बर डे पहली बार 1872 में नेब्रास्का के मूल निवासी जूलियस स्टर्लिंग मॉर्टन द्वारा आयोजित किया गया था। इस दिन से प्रेरित होकर सीनेटर गेलॉर्ड नेल्सन ने 1970 में पृथ्वी दिवस बनाया ताकि इस मुद्दे को राष्ट्रीय एजेंडा के रूप में उजागर किया जा सके।
Studyroot

51710
ShivSingh 3 महीने 1 week पहले

पृथ्वी दिवस मनाने के पीछे मकसद और प्रेरणा आर्बर डे के उत्सव के विचार से उत्पन्न हुई, जो एक धर्मनिरपेक्ष दिन है, जिस पर पूरे समुदाय को पेड़ लगाने के लिए प्रेरित किया जाता है। आर्बर डे पहली बार 1872 में नेब्रास्का के मूल निवासी जूलियस स्टर्लिंग मॉर्टन द्वारा आयोजित किया गया था। इस दिन से प्रेरित होकर सीनेटर गेलॉर्ड नेल्सन ने 1970 में पृथ्वी दिवस बनाया ताकि इस मुद्दे को राष्ट्रीय एजेंडा के रूप में उजागर किया जा सके।
Studyroot

51710
ShivSingh 3 महीने 1 week पहले

पृथ्वी दिवस मनाने के पीछे मकसद और प्रेरणा आर्बर डे के उत्सव के विचार से उत्पन्न हुई, जो एक धर्मनिरपेक्ष दिन है, जिस पर पूरे समुदाय को पेड़ लगाने के लिए प्रेरित किया जाता है। आर्बर डे पहली बार 1872 में नेब्रास्का के मूल निवासी जूलियस स्टर्लिंग मॉर्टन द्वारा आयोजित किया गया था। इस दिन से प्रेरित होकर सीनेटर गेलॉर्ड नेल्सन ने 1970 में पृथ्वी दिवस बनाया ताकि इस मुद्दे को राष्ट्रीय एजेंडा के रूप में उजागर किया जा सके।
Studyroot

51710
ShivSingh 3 महीने 1 week पहले

पृथ्वी दिवस मनाने के पीछे मकसद और प्रेरणा आर्बर डे के उत्सव के विचार से उत्पन्न हुई, जो एक धर्मनिरपेक्ष दिन है, जिस पर पूरे समुदाय को पेड़ लगाने के लिए प्रेरित किया जाता है। आर्बर डे पहली बार 1872 में नेब्रास्का के मूल निवासी जूलियस स्टर्लिंग मॉर्टन द्वारा आयोजित किया गया था। इस दिन से प्रेरित होकर सीनेटर गेलॉर्ड नेल्सन ने 1970 में पृथ्वी दिवस बनाया ताकि इस मुद्दे को राष्ट्रीय एजेंडा के रूप में उजागर किया जा सके।
Studyroot