निजी क्षेत्र के साथ सार्थक भागीदारी

Meaningful partnership with the private sector
Last Date Nov 01,2015 00:00 AM IST (GMT +5.30 Hrs)
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उच्चतर शिक्षा केवल सार्वजनिक वित्तपोषण से ही चिरस्थायी नहीं रखी जा ...

उच्चतर शिक्षा केवल सार्वजनिक वित्तपोषण से ही चिरस्थायी नहीं रखी जा सकती। हालांकि, उच्चतर शिक्षा में सार्वजनिक निजी भागीदारी को एक कार्यनीति के रूप में अपनाया गया है फिर भी बहुतों के सफल परिणाम सामने नहीं आए हैं। अत: पीपीपी मॉडलों को संशोधित करने की आवश्यकता है जिसमें अधिक सार्थक सहयोग की गुंजाइश हो। उच्चतर शिक्षा में पीपीपी का आलोचनात्मक विश्लेषण, मौजूदा विधिक उपबंध और सम्भाव्य मॉडल लागू करने की आवश्यकता है।

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Dr.Bapurao Namdevrao Barve 4 साल 11 महीने पहले

Public private partnership models should be modified and strengthened along with safeguarding issues like reservation , social equity affirmative action. Private sector participation initiatives in Higher education should be introduced step by step, first with experimental basic or as a pilot project IIT’s, IIM’s. PPP is relevant to only technical / professional education . Corporate and industry should be voluntary participant in guiding the HE’s in syllabus framing and requirements of market

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SEEL GAON ALWAR 4 साल 11 महीने पहले

ppp मॉडल के नुकसान से ज्यादा फायदे अधिक है | ppp मॉडल के लागू होने से गरीब परिवार के बच्चों को भी कम फीस में अधिक सुविधाऐ मिलेगी | इस मॉडल के लागू होने से गरीब बच्चे भी कम पैसे में में अच्छी शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे |लेकिन सरकार को यह सुनिश्चित करना होगा कि प्राइवेट कंपनी पढाई को व्यापार नहीं बनायें|