डिजिटल गांव के पायलट प्रोजेक्ट के लिए तकनीकी विनिर्देश

डिजिटल गांव के पायलट प्रोजेक्ट के लिए तकनीकी विनिर्देश
Last Date Jan 19,2017 00:00 AM IST (GMT +5.30 Hrs)
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इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (भारत सरकार) के ...

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (भारत सरकार) के डिजिटल इंडिया के परिकल्पना के अनुसार डिजिटल गांव का एक पायलट प्रोजेक्ट तैयार किया गया है जिससे डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के जरिए केंद्र व राज्य सरकार के विभागों , निजी दूरसंचार कंपनियां अन्य सेवा प्रदाता कंपनियों  और विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में रह रहे नागरिकों के जीवन में होने वाले परिवर्तन की झलक देखने को मिलेगी।

पायलट डिजिटल गांव के जरिए टेली मेडिसिन, दूर शिक्षा, एलईडी स्ट्रीट लाईटिंग, वाई-फाई हॉटस्पॉट और विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के चुनिंदा प्रखंडों के ग्राम पंचायत स्तर पर लोगों का कौशल विकास के लिए एक मंच प्रदान करना  है। यह परियोजना ई-गवर्नेंस परियोजनाओं के परंपरागत दृष्टिकोण (बुनियादी सुविधाओं के निर्माण पर ध्यान केंद्रित करना) से बिल्कुल अलग है और पायलट डिजिटल गांव  में सेवा आधारित दृष्टिकोण को अपनाया गया है।

पायलट डिजिटल गांव परियोजना के प्रमुख उप घटक हैं:
ए.) टेली मेडिसिन सेवाएँ -  इसे डिजिटल इंडिया की ई-क्रांति  का स्तंभ माना जाता है।
इस सेवा के तहत प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों (पीएचसी) के समूह का एक प्रमुख अस्पताल होता है, जो ब्लॉक, जिला या राज्य / संघ स्तर का एक ख्याति प्राप्त अस्पताल होगा। टेली मेडिसिन सेवा के तहत विभिन्न क्षेत्रों के दवा से संबंधित परामर्श सत्र  आयोजित की जाती है।

(बी.) दूर शिक्षा सेवाएँ - इसे डिजिटल इंडिया की ई-क्रांति का प्रमुख हिस्सा माना जाता है।
इस सेवा के तहत ग्रामीण स्कूलों के समूह को एक बड़े और प्रतिष्ठित स्कूल से जोड़ा जाएगा। इंटरैक्टिव सत्र  के जरिए दूर शिक्षा सेवा प्रदान की जाएगी।

(सी.) एलईडी स्ट्रीट लाईटिंग और वाई-फाई हॉटस्पॉट सेवाएँ - यह डिजिटल इंडिया के लिए डिजिटल कनेक्टिविटी प्रदान करने का हिस्सा है।
इसके तहत ग्राम पंचायत में सार्वजनिक स्थान पर एक उच्च  क्षमता वाली एलईडी स्ट्रीट लाईट का टॉवर स्थापित किया जाएगा। इससे सार्वजनिक स्थान पर मुफ्त प्रकाश प्रदान किया जा सकेगा। एलईडी स्ट्रीट लाइट सुबह से शाम तक संचालित किया जाएगा। नागरिकों को डिजिटल में सशक्त व सक्षम बनाने के लिए प्रति दिन कम से कम 5 घंटे तक मुफ्त इंटरनेट प्रदान किया जाएगा।

(डी.) कौशल विकास सेवाएं - यह डिजिटल इंडिया के डिजिटल सशक्तिकरण का प्रमुख हिस्सा है।
संसाधन केन्द्रों में उपलब्ध वीसी और अन्य बुनियादी सुविधाओं का इस्तेमाल कौशल विकास के लिए प्रशिक्षण प्रदान करने, जानकारी साझा करने का सत्र और विशेषज्ञों, सरकारी अधिकारियों आदि के साथ इंटरैक्टिव सत्र का आयोजन किया जाएगा।

इस संदर्भ में, NISG के साथ MeitY ने मिलकर डिजिटल गांव में सेवाओं के लिए एक मसौदा तैयार किया है जिसमें तकनीकी कार्य  और सेवाओं (SLAs) के लिए विनिर्देश निर्धारित किए गए हैं।

इस मसौदा के विनिर्देशों को अब 18 जनवरी, 2017 तक सार्वजनिक परामर्श के लिए रखा गया है। प्रतिक्रिया, विचार या सुझाव  किसी भी क्षेत्र के नागरिक दे सकते हैं जैसे कि शिक्षक, डॉक्टर, तकनीकी विशेषज्ञों, योजनाकारों आदि।

तकनीकी कार्य के विनिर्देश और दूर शिक्षा सेवाओं का एसएलए
तकनीकी कार्य के विनिर्देश और एलईडी स्ट्रीट लाईटिंग और वाई-फाई हॉटस्पॉट सेवाओं का एसएलए
तकनीकी कार्य के विनिर्देश और टेली मेडिसिन सेवाओं का एसएलए

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ripu daman 2 साल 11 महीने पहले

IN RURAL INDIA PSU BSNL HIKED INTERNET CHARGES WITHOUT INTIMATE TO CUSTOMERS FROM 750 PER MONTH IN DEC2016 TO 850 PER MONTH IN JAN 2017 (WITHOUT SERVICE TAX) FOR WIMAX WIRELESS BROADBAND SERVICE.ONLY INTERNET SERVICE IN HILLY AREAS.AFTER THAT THEY.
NOW HO CAN AFFORD THIS SERVICE.
MY REQUEST IS PLEASE PROVIDE AFFORDABL INTERNET FOR DIGITAL INDIA I THINK PSU ARE THE ONE OF THE OBSTACLE FOR DIGITAL INDIA.PLEASE REVISED RURAL WIRELESS CHARGES SO EVERYBODY CAN AFFORD INTERNET USE DIGITAL INDIA

80050
JAGDISH PATHAK 2 साल 11 महीने पहले

Hon.PM has great vision and concpet of Digital village, I want to suggest that, all the rural areas infrastructure development is very important to increase in trade and business of such areas, further, facilities of market and various production projects are also very important to start according to the availability of raw materials and availabiity of services in such areas, further, agricultural production and sales should be increased in such areas, so that employemnt can increase,best wishes

1180
Dibyendu Roy 2 साल 11 महीने पहले

It is a good approach but it is not clear in "Tele Medicine" ,are the medicine provided by the service provider. In rural area medicine shop also not very available. If the medicine is provided by the service provider at free of cost that is "OK" if not then medicine price ( Standard Market rate) should be mentioned in E-prescription , it will be clear message to medical shop owner and patient about the medicine price. It will reduce chance of calming extra money from patient.

2300
Akhil Pai 2 साल 11 महीने पहले

Sir,

Like ATM aadhar linked thumb impression ATM machine is needed in villages where a villager can directly by using thumb impression can withdraw cash. Strong network coverage with broadband facility reach in villages. Teachers working in theses villages can play important role in educating children with different digital modes. Bhim app should be biometric based. Transation charges on all modes like Debit/Credit cards, online payment should be withdrawn since it reduces the work of branch.

300
Lokesh Kumar 2 साल 11 महीने पहले

As per my understanding few major requirements need to be included in spec are mentioned below:
1. tentative dimension of room where all these facilities will be installed, shall be specified in the spec.
2. Quantity of each component required in all three services shall be clearly specified in the spec.
3. Redundancy of any component, if required shall be included in the spec.
4. Warranty and O&M conditions with time frequency need to be included in the spec.
5.

100
Kamalaksh Shenoy 2 साल 11 महीने पहले

Government should make all online transactions free from all charges.Unless this is done no one will be encouraged to do business online.
At present Cash Transaction is easy, doesnot involve any additional cost. Whereas with online payment, there is risk of money loss, addiational charges are levied either by bank or tax such as service tax etc.

1660
Nitin Gautam 2 साल 11 महीने पहले

Utilize more solar related appliances. Put some small solar farms around to produce basic electricity for the village.

We need Digital Framework which can track end to end so that no corruption and middle man. can track what is delivered to Farmers as money or other help and how that is being utilized Digitally. Farmer should get fare price.

Panchayat/Block Officers/Volunteers should hold frequent connects to teach usage of Digital options like Internet/Digital Payments etc

5060
Abhishek Kr Singh 2 साल 11 महीने पहले

1)The biggest hurdle to this is politicians.They don't want digitisation. No BJP MP or even CM wants to do it.
2) Plz keep social media social.All official work on social media should be social.There should be no showcause for failing to respond to an official on social media.Plz avoid paranoia.
3) Corruption on ground is down very much. But the next blow would be finishing off old politicians.

Only this would bring in digitisation.

80050
JAGDISH PATHAK 2 साल 11 महीने पहले

Hon. PM has very good concept of digitasation and use of advance technology for development of village and city area of our nation, I want to suggest that, all the official work related to govt. authority like, revenue record, agricultural products records, aninmals record, public and other organisation record of village should be made available to all the people online, further, CCTV camara, and electricity and wifi, internet facilities should be provided to people of village ,best wishes