ट्राई का "दूरसंचार मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी के तहत प्रति पोर्ट लेनदेन प्रभार और डिपिंग चार्ज (संशोधन) विनियम, 2017" ड्राफ्ट पर सुझाव आमंत्रण

Last Date Dec 30,2017 00:00 AM IST (GMT +5.30 Hrs)
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दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने आज ड्राफ्ट जारी किया है ...

दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने आज ड्राफ्ट जारी किया है जिसके तहत "दूरसंचार मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी प्रति पोर्ट लेनदेन प्रभार और डिपिंग चार्ज (संशोधन) विनियम, 2017" पर सुझाव निमंत्रित किए गए हैं। ट्राई ने 20 नवंबर 2009 को "दूरसंचार मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी प्रति पोर्ट ट्रांजैक्शन चार्ज और डिपिंग चार्ज रेगुलेशन, 2009 (9 का 2009)" अधिसूचित किया था। उस समय मुख्य विनियमन के अनुसार, ट्राई ने 'प्रति पोर्ट लेनदेन प्रभार' 19 रूपए तय किये जाने का प्रवाधना था और 20 नवंबर 2009 के दूरसंचार टैरिफ आदेश (उनचासवां संशोधन) आदेश, 2009 की अधिसूचना के तहत ही प्राधिकरण ने प्रति पोर्ट लेन-देन प्रभार 19 रूपए की राशि क निर्धारित किया था ।

दूरसंचार मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी प्रति पोर्ट ट्रांजैक्शन चार्ज और डिपिंग चार्ज रेगुलेशन 2009 के अनुसार विनियमन 6 (2) के अनुसार प्राधिकरण प्रति पोर्ट लेन-देन प्रभार और डिपिंग चार्ज की समीक्षा और संशोधित कर सकता है। पोर्टिंग अनुरोधों की मात्रा में वृद्धि को ध्यान में रखते हुए. 3 में जुलाई, 2015 से (जब से पैन इंडिया मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी की अनुमति थी) पिछले दो वर्षों के लिए मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी सेवा प्रदाता (एमएनपीएसपी) के वित्तीय परिणाम को देखते हुए, प्राधिकरण का मानना है कि वर्तमान समय लेनदेन के लागत और मात्रा की तुलना में 19/- की राशि काफी अधिक है।

लिहाजा प्राधिकरण ने निर्णय लिया है या कहें मानना है कि प्रति पोर्ट लेन-देन प्रभार के लिए ऊपरी दर को कम किया जा सकता है क्योंकि एमएनपीएसपी के संचालन की लागत काफी कम हो गई है। इसलिए इस मुद्दे पर व्यापक परामर्श के लिए "दूरसंचार मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी प्रति पोर्ट ट्रांजैक्शन प्रभार और डिपिंग चार्ज (संशोधन) विनियम, 2017" यहां उपलब्ध है। परामर्श में उठाए गए मुद्दों पर हितधारकों /स्टेकहोल्डर्स से लिखित टिप्पणी 29 दिसंबर, 2017 तक आमंत्रित किया गया है।

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Lalit 1 year 11 महीने पहले

This is regarding RELIANCE COMMUNICATIONS.The way it is shutting down its operations and not responding to difficulties of its customers to settle bill dues and PORT OUT from thier network.Is there any RESPONSIBLE AUTHORITY monitoring the ROGUE COMPANY exiting the market and least bothered about its customers .....???????

300
Dattatray Kedar 1 year 11 महीने पहले

Modiji...Please check if you could control those doctor who mislead the newly become mother and father by suggesting or forcing the cesarean though normal delivery is possible. These doctors are looting the poor with huge amounts. Now a days we can see this in movies too but still nobody has taken any action. So I think you have to do something for this-Dattatray Kedar

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Vinod Vaishnav 1 year 11 महीने पहले

1.सभी प्रीपेड मोबाइल सेवा प्रदाता कंपनी की:- मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी शुल्क बराबर होनी चाहिए। लगभग 50 रुपये। <br>
2. * लेकिन वर्तमान में मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी पर अत्यधिक फीस(₹100) वसूली जाती हैं।

1100
BISUN BHASKAR 1 year 11 महीने पहले

Since everything one use these days is linked with aadhar, it would be nice to develope a 'portability APP', such that one can pay online whenever they want to port.
Norms and conditions can be developed based on existing portability trends. The data available with sercice providers can be used for that.
A minimum payment can be kept inorder to check uncontrolled porting activity. Poeple are more concerned when anything is linked with their bank account.