चंडीगढ़ में कुशल पार्किंग सिस्टम

Efficient Parking System in Chandigarh
Last Date Oct 01,2015 00:00 AM IST (GMT +5.30 Hrs)
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हमारी पार्किंग व्यवस्था के साथ क्या गलत है? ...

हमारी पार्किंग व्यवस्था के साथ क्या गलत है?

सब्सिडी – आधुनिक उच्च तकनीक पार्किंग एक विरोधाभास है

चंडीगढ़ का घनत्व प्रति 1000 लोगो में 227 कारो के साथ देश में सबसे अधिक है, लेकिन पार्किंग दर देश में सबसे कम है (₹5 कार के लिए और ₹2 स्कूटर /मोटर साइकिल के लिए) यह वास्तव में पार्किंग उल्घंन की जढ़ में निहित है | पार्किंग लाइसेसधारियो के पास सी सी टी वी कैमरे, बुम बधायो और अन्य बातो के अलावा अन्य उच्च तकनीक उपकरणों में निवेश करने के लिए पर्याप्त पैसा नहीं है | वे ज्यादा किराया लेना, क्षमता से अधिक वाहनों के लिए अनुमति देना, अन्य आर्थिक गतिविधियों की इजाजत देना, जैसे गैर क़ानूनी साधनों का सहारा लेते है |

सड़क स्थल का समान वितरण

शहर में सड़क स्थल का समान वितरण होना चाहिए | वर्तमान में सड़क स्थल का 90% जनसंख्या के 22% लोगो जिनके पास कारे है, ने ले रखी है (अथवा के द्वारा अधिकृत है ) पैदल चलने वालों और गैर मोटर चलित वाहनों के उपयोगकर्तायो को साइकिल पट्टी के आभाव में सड़क के बाहर निचोढ़ा है | यह (साइकिल पट्टी ) उनके लिए सुरक्षित नहीं है |

हमें बजाय क्या करना चाहिए?

पार्किंग दरो को उनकी आर्थिक लागत के करीब लाया जाना चाहिए | पार्किंग रिक्त स्थान के लिए उच्च शुल्क भी हमारे गाढ़ी से अपने दौरे की सीमा सीमित करेगी | यही कारण है की उत्सर्जन में कटोती के लिए भीड को कम करने, एक पक्ष प्रभाव के रूप में और भूमि के उपयोग में सुधार होगा | अगर यही भूमि डेवलपर्स (उन्नतशील) को दी जाती है तो, सरकार जो वर्तमान में कर रही है, इससे भी अधिक कमा सकती है | उच्च पार्किंग दरों से शहर के ससाधन में वृद्धि कर उसे यूरोपीय देशो की तरह सुरक्षा , इमारत समर्पित साइकिल पट्टी, हरित क्षेत्रों के विकास तथा वहां मुक्त क्षेत्र के विकास में निवेश किया जा सकता है |

लदंन, मिलन, सिंगापुर और स्टॉकहोम जैसे शहरों में भीढ़ टैक्स लगाया गया है और पार्किग को महंगा बना दिया है | चंडीगढ़ में हम अभी भी सस्ती पार्किंग में विश्वास करते है, लेकिन वास्तव में सस्ती पार्किंग जैसी कोई बात नहीं है | कोई न कोई इसका खामियाजा भुगत रहा है | हमारे मामले में प्रशासन, लेकिन किस कीमत पर

• क्या हमे सार्वजनिक परिवहन प्रणाली में और अधिक निवेश नहीं करना चाहिए ?
• क्या हमारे यहाँ सिंगापुर और अन्य पश्चिमी देशो की तरह समर्पित साइकिल पट्टी या पैदल रास्ते नहीं होने चाहिए?
• क्या अमीरों के लिए वास्तव में पार्किंग की सब्सिडी होनी चाहिए ?
• राष्ट्रीय शहरी परिवहन नीति, पार्किंग को एक सार्वजनिक सेवा के रूप में बताती है, लेकिन विवादास्पद सवाल यह है की क्या प्रशासन उन लोगों को भी इसके लिए आर्थिक सहायता दी जानी चाहिए जिनकी क्षमता इसे अदा करने के लिए पर्याप्त से कही अधिक है | इस तरह के कुछ सवाल है जिसके लिए जनता की भागीदारी और गहरी विवेचना की जरूरत है |

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रीसेट
177 सबमिशन दिखा रहा है
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rajneesh porwal 4 साल 3 सप्ताह पहले

The parking demand is highest at two places where vehicles tend to rest for major portion of their entire lifespan, and multistoreyed parking needs to be created at these places- i) near/front of residential places, and ii) at work-places.
The increased public transport supply with better quality buses and efficient monitoring systems, better fare collection systems and other IT interventions will ultimately bring the population of private vehicles in check.

600
anil balavant joshirao 4 साल 3 सप्ताह पहले

To complete my comment : These speed breakers affect the backbone of humans, affect parts of the vehicles, requiring frequent repairing and thirdly it costs heavily to the national exchequer by loss of petrol. My request is to stream line construction of these speed breakers. Give proper instructions about specifications about its height, width and gradient / slope should be gradual, not steep. Thanking you.

600
anil balavant joshirao 4 साल 3 सप्ताह पहले

Hon Sir,
For long, I wanted to make a humble request to the concerned authorities about Road Traffic. It is about the speed-breakers. Sir, these speed breakers are a menace. They are constructed in a half-hazard manner. Nowhere you would find a similarity in these speed breakers. Neither the height nor the width or slopes. Many the height crashes with the silencers. Same with the width. And the slopes are so steep that while climb They particularly affect the travelers in three ways :-

200
Raj K Kaplash 4 साल 3 सप्ताह पहले

I intend to suggest you that the parking problem within the sectors is a major issue and lot of problems are being faced by the residents in the shape of altercations and disputes and this issue needs to be tackled at top priority.
One of the solution to my mind is that let all the spaces adjacent to corner houses be utilized converting them into a parking space and allotting it to the residents on rental basis.
In this way the land which has been illegally occupied by the corner plot

2200
Jaimit Gandhi 4 साल 3 सप्ताह पहले

Parking problems in big cities like Chandigarh can be surely resolved and don't we need to do something extraordinary. I have some simple solutions.
(1) We need mandatory rules to be followed by all new infrastructures (corporate buildings, shopping malls, hospitals, universities etc) to provide enough of paid/unpaid parking space their customers.
(2) Existing facilities which do not have proper parking facilities, they may avail the multiple story parking services. #ParkingSystem

800
Pallav Mukherjee 4 साल 3 सप्ताह पहले

People coming in to work from satellite towns shd use the "park & ride" facility........park in huge parking lots outside the city and get a free bus ride into town. This will free the city of thousands of parking slots.
Simultaneously, increase parking fees in crowded areas, and pay by the hour.
The problem is the management of such fees.....its MOSTLY SKIMMED OFF...!!!!
Don't ask by whom.......!!!
And it is in lakhs per day..............!!!