प्रस्तावित आजीविका केन्द्रों हेतु सुझाव दें

Crowdsourcing of ideas for proposed Career Centres
Last Date Apr 01,2015 00:00 AM IST (GMT +5.30 Hrs)
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मंत्रालय ने राष्ट्रीय आजीविका सेवा को मिशन मोड परियोजना के रूप में ...

मंत्रालय ने राष्ट्रीय आजीविका सेवा को मिशन मोड परियोजना के रूप में कार्यान्वित किया है जिसके अंतर्गत रोज़गार केन्द्रों की स्थापना कर विभिन्न रोजगार संबंधित सेवाएं प्रदान की जाएगी। यह आजीविका केंद्र राष्ट्रीय आजीविका सेवा परियोजना के बारे में जानकारी प्रदान करेंगे। इस परियोजना के अंतर्गत एक राष्ट्रीय पोर्टल भी बनाया जाएगा जिसपर रोज़गार के लिए इच्छुक व्यक्तियों, रोज़गार प्रदाताओं, मध्यस्तथों इत्यादि के लिए पंजीयन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी और इसके माध्यम से विभिन्न रोज़गार की तुलना संबंधी सेवाओं की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाएगा। यह सेवा और रोज़गार परामर्श विषयवस्तु रोज़गार केन्द्रों, सहायता केन्द्रों, मोबाइल उपकरणों, सीएससी इत्यादि के माध्यम से वितरित की जाएगी। मंत्रालय राष्ट्रीय रोज़गार सेवा को सभी रोजगार से संबंधित सेवाएँ प्रदान करने वाले एक मंच के रूप में स्थापित करना चाहता है। इसके लिए मंत्रालय जनता, युवाओं, विद्यार्थियों, शोध संस्थानों, उद्योग संघों, विद्वत्परिषदों, उद्योग इत्यादि से इन आजीविका केन्द्रों के लिए निम्नलिखित पहलुओं पर सुझाव आमंत्रित करता है-

क. रोज़गार केन्द्रों के अंतर्गत: भौगोलिक क्षेत्र, महत्वपूर्ण क्षेत्र, क्षेत्र जिन पर विशेष रूप से ध्यान दिया जाना चाहिए, महिलाओं और युवाओं पर केन्द्रित।

ख. आजीविका केंद्रों की कार्यान्वयन संस्था: शैक्षणिक संस्थान (स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय इत्यादि), उद्योग, उद्योग संघ, सरकारी संगठन।

ग. प्रदान की जाने वाली सेवाएं: बेरोजगारों का पंजीकरण, नियोक्ता पंजीकरण और रोज़गार संबंधी जानकारी, आजीविका संबंधी परामर्श, योग्यता का आकलन, रोज़गार के अवसर, शैक्षिक संस्थाओं में संबंधित पाठ्यक्रमों की उपलब्धता संबंधी सूचना, प्रशिक्षण प्रदाता, स्व-रोजगार और उद्यमीयता संबंधी परामर्श।

घ. एनसीएस के लिए प्रौद्योगिकी मंचः केवाईसी मानकों की पूर्ति के लिए आधार/बैंक खातों के साथ जोड़ना, अन्य बड़े डेटाबेसों के साथ एकीकरण, प्रमाणपत्रों और प्रत्यय-पत्रों का सत्यापन।

ङ. आजीविका परामर्शदाता: स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में पेशेवर परामर्शदाता उपलब्ध कराना जो आजीविका संबंधी परामर्श प्रदान करें।

च. नागरिकों, गैर सरकारी संगठनों, सीबीओ और स्व-सहायता समूहों को इसमें शामिल करना।

छ. आजीविका केंद्रों के माध्यम से स्थानीय सेवा प्रदाताओं के बारे में जानकारी उपलब्ध कराना: चालकों, नलकारों, इलेक्ट्रिशियनों जैसे स्थानीय सेवा प्रदाताओं के बारे में जानकारी प्रदान करने वाली निर्देशिका उपलब्ध कराई जाएगी।

ज. आजीविका संबंधी सभी प्रकार की विषयवस्तु उपलब्ध कराना: कौशल विकास के लिए संबंधित अद्यतित और आसानी से उपलब्ध विषयवस्तु विभिन्न मीडिया प्रारूप में प्रदान करना।

झ. कैरियर केन्द्रों की स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए आय का प्रारूप निर्धारित करना।

ञ. नागरिकों तक पहुँच बनाने सम्बन्धी कार्ययोजना।

सबसे उपयुक्त और अभिनव प्रविष्टियों को मंत्रालय द्वारा नकद पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।

प्रविष्टि भेजने की अंतिम तिथि 31 मार्च 2015 है।

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1640
Hitesh Kumar 4 साल 3 महीने पहले

Dear Prime Minister,
Since u r coming to inaugurate Chandigarh international airport on 11th, I want to appeal you one most important thing. I am employee there and like to appeal you that while inaugurating the airport please praise and acknowledge the hard work of labour class and basic workers. They have made this airport by their hard work in hot and cold but they never enjoy the luxurious services over there. And very less employees who are white collars did their duties well to make this airport. Others are just filling their pockets by such huge project. I think u sud not come bcos ur government is for poors... or u sud ask airlines to make fares in limit of poors n lower class.

6100
Sashwata Sur 4 साल 8 महीने पहले

Rozghar:
Value Yourself.

Jobs are no longer for life and knowledge economy killed by web .

Oulined: is site like Facebook enabled with public and private with career feeds, professional networking and plugin local services for learning, Training and HR management.

A place to improve skills and earn more

6400
ANANAS KUMAR 4 साल 8 महीने पहले

आजीविका केन्द्रों के लिए निम्न सुझाव है-
क. भौगोलिक क्षेत्र: इसकी स्थापना हर पंचायत स्तर पर की जानी चाहिए| इसमें युवाओं को विभिन्न कौशलों यथा कंप्यूटर, टाईपिंग, इन्टरनेट, खेल-कूद, टी.वी व् मोबाईल मरम्मत, कृषि-कार्य आदि पर विशेष रूप से ध्यान दिया जाना चाहिए।
ख. कार्यान्वयन संस्था: आजीविका केंद्र मान्यताप्राप्त शैक्षणिक संस्थान (स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय इत्यादि) के द्वारा हीं संचालित किया जाना चाहिए।
ग. प्रदान की जाने वाली सेवाएं: आजीविका केन्द्रों पर बेरोजगारों का पंजीकरण, नियोक्ता पंजीकरण और

400
Debasish Nath_1 4 साल 8 महीने पहले

A great initiative. Congratulations and best wishes to the Government for taking this innovative and ambitious project. If implemented properly this project will not only help the youths and society but also proper and optimum utilisation of immense human potential of our country. Can become a good source of revenue for the Government too. Looking forward to early launch of the project with lot of excitement.... best wishes

200
Senthamarai Kannan Subramanian 4 साल 8 महीने पहले

Thanks for the Opportunity to realize the power of sharing knowledge! I am a Professor and I am Always Open Up for Teaming Up on Open Challenges in Big Data Analytics!I have Practiced a Couple of Projects in Kaggle, An Australian Data Mining Company Which is into Crowd Sourcing solutions for Big Data ! I had a try Hotel Booking Prediction Challenge as well as Twitter Sentiment Analysis! Any One from Industry ready to team up with me for Consultancy Projects! Mail me
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600
ashish rana 4 साल 8 महीने पहले

Thank you sir for this opportunity. I am a software developer by profession and like doing open source development in my free time. I have been thinking on such a open to all system for a long time. Its great that our government is engaging its citizen in solving such complex problems. I have attached a pdf file with my suggestions. I hope it serves your purpose.

500
Manoj kumar_52 4 साल 8 महीने पहले

Sir education ki trf dhyan do!! Hmare schools mei ajkl kya ho rha hai, hm contract pr depend ho gye, contract wale log aadhi salary pr kaam krte h, jb whi log mn se khush nhi ho payenge to wo bacho ko dil se kaise pdhaye!!! Unko mn ki shakti ki jrurat hai unko bhi usi trh ki suvidha mile jo 1 permanent karmi ko milti hai!! Shikha hr desh ki jaan h aise hi mere bharat ko bhi shiksha hi devlp kr skti h!! Hme iss aur dhyan dena hoga schools ki halat bahut khrab hoti ja rhi h 6 to 8 bacho ko pass na