कौशल विकास का कार्य सरकार / लोक प्राधिकारियों या निजी क्षेत्रों में से किसके द्वारा किया जाना चाहिए?

Should the skill development exercise in mining sector be undertaken by the Govt. /public authorities or should it be undertaken by the private sector?
Last Date Nov 15,2014 04:15 AM IST (GMT +5.30 Hrs)
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हमारा देश विभिन्न धात्विक और गैर धात्विक खनिज संसाधनों से परिपूर्ण ...

हमारा देश विभिन्न धात्विक और गैर धात्विक खनिज संसाधनों से परिपूर्ण है। भारत में लौह अयस्क, बॉक्साइट, डोलोमाइट, चूना पत्थर और अभ्रक सहित कई गैर ईंधन खनिज पाए जाते हैं। खनन क्षेत्र (गैर-ईंधन) वर्तमान में सकल घरेलू उत्पाद में लगभग 0.5% का योगदान प्रदान करता है। स्थायी तौर पर त्वरित आर्थिक विकास के लिए, इस क्षेत्र को तेज़ी से विकास करना होगा जिससे सकल घरेलू उत्पाद में इसके योगदान के प्रतिशत को बढाया जा सके।

वैज्ञानिक, सतत और पारदर्शी खनन कार्यों के लिए प्रशिक्षित लोगों की आवश्यकता है। कौशल विकास न केवल उत्पादकता और कार्यस्थल पर सुरक्षा को बढ़ावा देगा अपितु यह लोगों को नई प्रौद्योगिकियों को अपनाने और उसका प्रयोग करने के लिए भी प्रशिक्षित करेगा। वर्तमान में इस क्षेत्र ने 0.2 लाख कर्मचारियों को रोजगार प्रदान किया है जिसका अगले 10 साल में 0.3 मिलियन होने का अनुमान है।

खनन क्षेत्र में कौशल विकास के लिए उपलब्ध विकल्पों के बारे में अधिक जानकारी यहाँ से प्राप्त करें: http://mygov.in/uploads/documents/Options_for_Skill_Development_in_the_M...

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Arkadeep Mukherjee 4 साल 8 महीने पहले

We must make the mining companies liable to compensate, equip and train the local population in the protection of environment. The tribal population can also be used as guards of the environmental protection measures such as planted trees, etc.

Also the mining colony can be developed as a tourist center, which can serve as markt for the locals to display their art and culture. Moreover they will be motivated to take part in and cooperate with security apparatus for the mine, for good of all

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amit suryawanshi 4 साल 8 महीने पहले

यह नियम लागू
किया जाना चाहिए
कि
जो भी व्यक्ति
सरकारी नौकरी में है।
चाहे
वो कलेक्टर हो
या SP
या कोई अन्य कर्मचारी।
सभी के बच्चे
सरकारी स्कूल में ही पढेंगे
और जिनके बच्चे
सरकारी स्कूल में
न पढते हो
उन्हें सरकारी नौकरियों से
निकाल दिया जाए।
सभी लोग
समझ सकते है कि
जब जिले के
कलेक्टर और SP
तथा
अन्य अधिकारीयों के बच्चे सरकारी स्कूल में
पढ़ना आरम्भ कर देंगे,
तो उन स्कूल में
शिक्षा का स्तर
क्या होगा
और
शिक्षक किस तरह की
पढाई वहाँ करवाएँगे।
सभ

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SUBHASH CHANDRA MALLICK 4 साल 8 महीने पहले

All natural resources have to keep under Govt. or semi-govt. control. It is not wiser to keep under private sector but we are allotting the Natural Resources to private companies. Even-if some of our old organizations with sufficient manpower engaging third party for their regular works. The reason is unknown. Each & every points have to discuss with general people before any allotments. Our Natural Resources has its limit please don't .....?

1900
Abhishek Singh 4 साल 8 महीने पहले

Sir in ancient day partiality appear on the caste basis and today indian government make partiality among people by giving caste base reservation u have ability to convert that class base only just for profit all politician not want to change this system and make future of india dark

700
DILIP KUMA SHAW 4 साल 8 महीने पहले

skill development in mining sector should be develop in our country by Govt as well as public & private sector also due to geographical area.
this is the sector were in our country there is not a single institute which runs labor skill set required for mining.

DILIP KUMAR SHAW (SKILL DEVELOPMENT INSTITUTE HYDERABAD)