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Last Date Nov 01,2015 00:00 AM IST (GMT +5.30 Hrs)
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हम एक गतिशील ज्ञान आधारित समाज में रह रहे हैं। नई प्रौद्योगिकीयां और ...

हम एक गतिशील ज्ञान आधारित समाज में रह रहे हैं। नई प्रौद्योगिकीयां और चुनौतियां अध्ययन के नये क्षेत्रों को जन्म देती हुई दिखाई दे रही हैं। हमारे उच्चतर शिक्षा संस्थानों को वैश्विक परिदृश्य में ज्ञान के नये क्षेत्रों की पहचान करनी चाहिए और इस आवश्यकता को पूरा करने के लिए अपनी क्षमताओं का निर्माण करना चाहिए। हम वैश्विक राष्ट्रमंडल में अपनी शिथिल क्षमता को कैसे बनाकर रख सकते हैं।

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LEELAUTI DHOLPUR 4 साल 1 महीना पहले

प्रयोग एवं अनुसंधान की शिक्षा से ही हम वैश्विक राष्ट्रमंडल में अपनी शिथिल क्षमता को बनाकर रख सकते हैं।

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mh.nnr.261605@gov.in 4 साल 1 महीना पहले

आधुनिक तंत्रनानाचा वापर करुन अभ्यासक्रम शिकवण्यासाठी योग्य साहित्य पुरवणे.प्रत्येक शाळेत विध्यार्थ्यांना शिक्षणासाठी आधुनिक साहित्य उपलब्ध करून देणे गरजेचे आहे.ई-लर्निंग सारख्या सुविधा द्याव्यात ..

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DONGARGAON JALGAON 4 साल 1 महीना पहले

शाळा स्तरावरील विविध समित्यांची संख्या कमी करून एकच समिती शाळेत असावी . वेगवेगळ्या समित्या , त्यांचे प्रोसिडिंग , समित्यातील लोकांना मिटिंग साठी बोलावणे , यात बराच वेळ जातो तसेच प्रत्येक गोष्ट ऑन लाईन यात देखील खूप वेळ जातो .

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DONGARGAON JALGAON 4 साल 1 महीना पहले

विद्यार्थ्यांना आधुनिक तंत्रनानाचा वापर करुन अभ्यासक्रम शिकवण्यासाठी योग्य साहित्य पुरवणे.खेळातुन शिक्षण ह्या संकल्पनेतुन विविध उपक्रम घेण्यासाठी साहित्य उपलब्ध करणे.

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Ashok Laxman Gatkal 4 साल 1 महीना पहले

सध्याच्या नवीन युगात जीवन जगण्यासाठी सर्वात महत्त्वाचे आहे ते म्हणजे प्राथमिक शिक्षण...

प्रत्येक शाळेत विध्यार्थ्यांना शिक्षणासाठी आधुनिक साहित्य उपलब्ध करून देणे गरजेचे आहे.ई-लर्निंग सारख्या सुविधा द्याव्यात ..

सर्वात महत्त्वाचे जि.प. शिक्षकांना इतर सर्व कामातून मुक्त करण्यात यावे...