Share Your Innovations and Experiences in the Bamboo Value Chain

Last Date Jan 31,2021 23:45 PM IST (GMT +5.30 Hrs)

Bamboo has been the lifeline of rural India since time immemorial. With the passage of time and development of technologies leading to new usage, the 'green gold' has turned into a ...

Bamboo has been the lifeline of rural India since time immemorial. With the passage of time and development of technologies leading to new usage, the 'green gold' has turned into a potential game changer for rural economy - for the farmer and industry equally.

With this background and number of progressive measures including the amendment of the Indian Forest Act to remove bamboo outside forests from the definition of 'trees', the restructured National Bamboo Mission (NBM) was launched in 2018-19 for the development of complete value chain of bamboo sector linking growers (farmers) with industry starting from raising quality planting material, plantation, creation of facilities for collection, aggregation, processing, micro, small & medium enterprises, skill development and brand building initiative in a cluster approach mode.

‘National Bamboo Mission’ invites farmers, entrepreneurs, researchers, bamboo-based industry to send in their experiences, innovations, and good practices adopted for increased productivity, strengthen supply of raw material to industry, products in sync with contemporary markets, REPLACE SINGLE USE PLASTICS, new age construction, and other sunrise uses.

User to share their story in any of the format - textual and/or photo/video

Instructions to upload video:
1. Please upload your film on your youtube channel.
2. Login to MyGov/my submission .
3. In the comment section, copy paste your film youtube link here. (do not upload the film here )

Last date of submission is 31st January 2021.

See Details Hide Details
All Comments
Reset
Showing 1373 Submission(s)
3400
sonia gupta 13 hours 37 minutes ago

प्रिय मोदी जी
1 बांस की हैट( सिर का) बनाया जाता है ।
2 बांस के हाथ के पंखे बनाये जाते है।
3 बांस की फैन्सी चटाई बनाई जाती है। घर के आगे गार्डेन की सुरक्षा के लिए, बांस की खपाचिया गार्डेन की सुंदरता के काम आती है
4 बांस से खिलौने बनाये जाते है
5 झोपड़ी बनाने में भी बांस प्रयोग में लिया जाता है।
6 बांस के रेशों से गत्ता तथा कागज बनाये जाते है, जो काफी मजबूत होते है।
7 बांस से लिखने वाली कलम भी बनाई जाती है।
8 बांस से बांसुरी भी बनती है। जिसे भगवान श्री कृष्ण बजाते थे।

800
purvi mittal 13 hours 55 minutes ago

जगह आजकल लकड़ी के फर्श का खूब चलन है। इसकी खासियत इसका साधारण दिखना है। घर को यह एक शाही अंदाज देता है, वहीं दफ्तर को उत्कृष्ट बनाता है। होटल, रेस्तंरा की भीतरी-बाहरी सजावट और लाइटिंग के साथ बड़ी आसानी से वुडन फलोरिंग संतुलित हो जाती है। लकड़ी के मुकाबले बांस की लकड़-फलोरिंग न केवल सस्ती, बल्कि दिखावट के नजरिए से बेहतरीन भी है। इसके रखरखाव में ज्यादा झंझट भी नहीं है। एक से बढ़ कर एक उम्दा डिजाइन, बेहतरीन चमकदार फिनिशिंग, वजन में हल्का होना और सबसे खास बात इसका दूसरी लकड़ियों के मुकाबले सस्ता और टिकाऊ

800
purvi mittal 13 hours 55 minutes ago

गरीब-निवाज कही जाने वाली यह घास अब तेजी से बाजार में अपना मुकाम तलाश रही है। रोजमर्रा के इस्तेमाल की चीजें हों, घर की सजावट का सामान या फिर फर्नीचर, हर तरह से बांस के उत्पाद लकड़ी के मुकाबले सस्ता, बेहतर और टिकाऊ विकल्प हैं। ए समाज के हर तबके को लुभा रहे हैं। साजो-सामान पर नजर डालें तो जग, टोकरी, कटोरे, फूलदान, लैंपशेड, चटाइयां, चटाई-पर्दे, बेड, सोफा-सेट, मोमबती-स्टैंड, दीवार-लटकनें, कलमदान, बच्चों के खिलौने वगैरह सभी कुछ तो ए खोखली घास खुद में समेटे है।
बांस के अलग अंदाज
घर, ऑफिस, रेस्तंरा, होटल

800
purvi mittal 13 hours 56 minutes ago

घर की सजावट के लिए लोग तरह-तरह की चीजें आजमाते रहते हैं। खासकर बैठक की सजावट के लिए लकड़ी और बेंत से बनी वस्तुएं आमतौर पर इस्तेमाल होती हैं। पर बदलते समय के मुताबिक अब लोग घरों में महंगी सजावटी वस्तुओं के बजाय साधारण दिखने वाली वस्तुओं को सजावट और रोजमर्रा इस्तेमाल के लिए उपयोग करना पसंद करते हैं। इसलिए दफ्तरों और रेस्तरां के अलावा अब घरों में भी बांस से बने सोफे, कुर्सियां, सजावटी चीजें रखना नया चलन बन चुका है

गरीब-निवाज कही जाने वाली यह घास अब तेजी से बाजार में अपना मुकाम तलाश रही है। रोजमर्रा

800
RISHIKESH KUMAR 15 hours 25 minutes ago

Bans se Ham bahut sari chijon ko banaa sakte hain Jaise Bans ka Daliya Bans ki Chatni Bans ke root Ka Achar Bans ke ham log Palang Chorki Kursi table sofa Aur Bhi Kai chij banaa sakte hain

8800
Zulkharnine Sultana 15 hours 33 minutes ago

When plastic banned from market,bamboo market will increase.Plastic is harmful product,where as bamboo is a innovative product. Dr zulkharnine sultana

88850
SHARIF SHAIKH_3 15 hours 55 minutes ago

उत्पादकता में बढत, कठिन श्रम में कमी एवं बाँसों की बर्बादी में कमी की जा सके। इन विकास कार्यो ने, विभिन्न क्षेत्रों जैसे बागबानी, पशुधन, मत्स्य पालन में, बाँस के उपयोग की संभावनाएँ बढ़ाई है। इसका उपयोग फसल वास्तुकला, भंडारण संरचनाओं, आवास, मत्स्य पालन संरचनाएं, मछली जाल, मछली बीजों, बाँस की बनी वस्तुओं का ग्रामीण स्तर पर उत्पादन रोज़गार एवं अच्छे आय का माध्यम बन सकती है।

88850
SHARIF SHAIKH_3 15 hours 59 minutes ago

बाँस के अभिनव उत्पादों की लगातार हो रही खोज के कारण इसकी आर्थिक क्षमता बहुत अधिक है। बाँस की प्राकृतिक सुदंरता के कारण इसकी माँग सौदर्य एवं डिजाइन की दुनिया में तेजी से बढ़ रही है। इसके अतिरिक्त ऐसी कई नवीनतम् प्रोद्योगिकियों का विकास हुआ है जिससे लकड़ी के उपयोग को बाँस के द्वारा प्रतिस्थापित किया जा सके।

380
Mihir Verma 16 hours 6 minutes ago

On my 4 year period in eastern India, I was mesmerised to see how bamboo can be flexed into many products. Sheets, baskets, instruments, machines.